ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का इस्तीफा, आगामी चुनाव में बढ़ा सकते हैं धर्मेंद्र प्रधान की मुश्किल
वहीं रामगढ़ में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स का जवान क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में घायल हो गया है। बीएसफ की ओर से जानकारी दी गई है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिना उकसावे की फायरिंग की है। यह फायरिग रामगढ़ और अरनिया सेक्टर में हुई है।
ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रजनीकांत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बीजेडी के चुनाव प्रचार में अधिक समय देने के लिए पद से इस्तीफा दिया है। दरअसल प्रदेश में अगले पांच महीने में लोकसभा और विधानसभा चुनाव दोनों होने हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए रजनीकांत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

चार बार के विधायक हैं रजनीकांत सिंह
अंगुल से चार बार के विधायक रजनीकांत ने अपना इस्तीफा स्पीकर प्रमिला मलिक को भुवनेश्वर में बुधवार कौ सौंप दिया। दरअसल केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अंगुल जिले से आते हैं, माना जा रहा है कि वह 2014 का लोकसभा चुनाव थेनकनाल या संबलपुर से लड़ सकते हैं।
अंगुल जिले में विधानसभा की पांच सीटें हैं। अंगुल, तलचर, चेंदीपदा, पलहारा विधानसभा सीट धेनकनाल लोकसभा क्षेत्र में आते हैं जबकि अतमलिक संबलपुर संसदीय क्षेत्र में आता है।
खुद बताई इस्तीफे की वजह
रजनीकांत सिंह ने कहा कि डिप्टी स्पीकर का पद संवैधानिक पद है, जिसकी वजह से मैं राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकता हूं। यह आकस्मिक फैसला नही है, पिछले कुछ महीनों से मैं इस पद से इस्तीफा देने की सोच रहा था।
अब चूंकि चुनाव करीब हैं, मैंने संगठन पर ध्यान देने के लिए और जनता तक पूरे दिल से पहुंचने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गौर करने वाली बात है कि सिंह अंगुल सीट से 2004 से लगातार जीतते आ रहे हैं। 2019 में वह विधानसभा के डिप्टी स्पीकर बने थे।
नवीन पटनायक के विश्वासपात्र
रजनीकांत सिंह को बीजेडी मुखिया नवीन पटनायक का विश्वासपात्र माना जाता है। वह 2012 में स्टील एवं खनन मंत्री रह चुके हैं। रिपोर्ट की मानें तो बीजेडी नेतृत्व रजनीकांत सिंह को अंगुल में अहम संगठन की जिम्मेदारी सौंप सकताहै। लेकिन रजनीकांत सिंह का कहना है कि यह पार्टी के मुखिया को तय करना है कि वह मुझे क्या जिम्मेदारी देते हैं।
इससे पहले रजनीकांत सिंह अंगुल जिले के अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसा कहा जाता है कि रजनीकांत सिंह के हर विधानसभा क्षेत्र में समर्थक हैं। उनके पिता अद्वैत सिंह भी यहां से काफी लोकप्रिय नेता रह चुके हैं। वह यहां से चार बार विधायक रह चुके हैं।
धर्मेद्र प्रधान को देंगे चुनौती
वरिष्ठ बीजेडी नेता ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान धेनकनाल और अंगुल का अक्सर दौरा करते हैं। पिछले कुछ महीनों में वह यहां कई बार आए हैं, जिसकी वजह से भाजपा को यहां अपने पैर मजबूत करने में मदद मिल रही है। अगर धर्मेंद्र प्रधान यहां से चुनाव लड़ते हैं तो भाजपा को बढ़त मिल सकती है। यही वजह है कि बीजेडी को यहां से वरिष्ठ नेता की जरूरत है जो उनके खिलाफ मजबूत रणनीति बना सके।












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