न्यूयॉर्क टाइम्स को नहीं पच रहा योगी का यूपी सीएम बनना, विरोध में लिखा लेख
लेख में योगी को ऐसे 'टेंपल' का लीडर यानी धर्मगुरु बताया गया है, जो कि मिलिटेंट हिंदू सुपरमेसिस्ट ट्रेडीशन' वाला रहा है
नई दिल्ली। अमेरिका के जाने-माने अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर 12 जुलाई को एक लेख छापा है। 'राजनीति की सीढ़ियां चढ़ता एक हिन्दू पुजारी' शीर्षक से लिखे इस लेख में योगी के लिए काफी कड़े और विवादित शब्दों का इस्तेमाल हुआ है। लेख में गोरक्षनाथ पीठ को हिंदुत्व का मठ बताया गया है। योगी को ऐसे 'टेंपल' का लीडर यानी धर्मगुरु बताया गया है, जो कि मिलिटेंट हिंदू सुपरमेसिस्ट ट्रेडीशन' वाला रहा है, मतलब गोरक्षनाथ पीठ की परंपरा 'उग्र हिंदुत्व के प्रभुत्व को स्थापित' करने की रही है।
साथ ही योगी के सीएम बनने पर भारतीय मीडिया में उनके गुणगान का भी मजाक उड़ाया गया है।


योगी पर लगाया धार्मिक हिंसा भड़काने का आरोप
अखबार लिखता है कि हिंदू योद्धा योगी आदित्यनाथ को भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य का सीएम बनाया गया है। इस पर न्यूज चैनल ने दिखाया कि योगी एसी में नहीं रहते, जमीन पर सोते हैं। नाश्ते में एक सेब खाते हैं।
अखबार कहता है कि न्यूज चैनलों पर दिखाई जा रही बातों से इतर योगी की पहचान ऐसी पीठ के संचालक (लीडर ऑफ टेंपल) की है, जिसकी परंपरा उग्र हिंदुत्व के प्रभुत्व को स्थापित करने की रही है। योगी ने युवाओं का एक संगठन भी बनाया है, जिसका मकसद इतिहास में मुस्लिमों की ओर से की गई 'गलतियों' का बदला लेना है।
योगी ने मुसलमान शासकों के अत्याचार के लिए युवाओं का एक संगठन हिन्दू युवा वाहिनी बनाया हुआ है। वो रैलियों में चिल्ला-चिल्ला कर कह चुके हैं कि हम धार्मिक युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। एक रैली में वह धार्मिक युद्ध की तैयारी की बात तक कह चुके हैं।

पीएम के फैसले पर भी सवाल
योगी को चुनने के नरेंद्र मोदी के फैसले को अखबार आश्चर्यजनक कहते हुए लिखता है कि नरेंद्र मोदी तीन साल पहले सत्ता में आए थे तो वो विकास करने की बात कहते थे लेकिन अब भारत को 'हिंदू राष्ट्र' में बदलने के अभियान ने मोदी के विकास के एजेंडे को पीछे छोड़ दिया है और उनकी सरकार में देश के 17 करोड़ मुसलमान सामाजिक और माली तौर पर हाशिए पर जा पहुंचे हैं।
लेख में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के सीएम को भारत के भावी प्रधानमंत्री के तौर पर देखा जाता रहा है, ऐसे में योगी के पीएम बनने को लेकर भी चर्चाएं होने लगी हैं। अखबार कहता है कि भाजपा की जीत के बाद मोदी केबिनेट में मंत्री मनोज सिन्हा का नाम उत्तर प्रदेश के सीएम के तौर पर सामने आया और उन्हें इसके लिए काफी सही चेहरा नेता माना जा रहा था लेकिन अचानक योगी का नाम सामने आया जो सभी को चौंका गया।

गोरखनाथ मंदिर में उग्रवाद का इतिहास पुराना
अखबार कहता है कि गोरखनाथ मंदिर, जिसके मौजूदा महंत आदित्यनाथ योगी हैं, का उग्रवाद से पुराना नाता रहा है। 1969 तक इस पीठ के प्रमुख रहे दिग्विजयनाथ ने महात्मा गांधी को मारने के लिए हिंदुओं को उकसाया था। यह बात महात्मा गांधी की हत्या के कुछ दिन पहले की है।
युवाओं को उकसाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। उनके उत्तराधिकारी महंत अवैद्यनाथ ने 1992 में बाबरी मस्जिद को गिराने के लिए भीड़ को उकसाया था।
लेख में योगी आदित्यनाथ के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी के मुस्लिमों को धमकाकर गांव से निकालने, गाय ले जाने के लिए मारपीट करने और कई मामलों में मारपीट और उपद्रव में शामिल रहने का भी जिक्र है। साथ ही योगी आदित्यनाथ पर भी कई गंभीर मामलों समेत करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमों का जिक्र लेख में किया गया है। मूल लेख Firebrand Hindu Cleric Ascends India's Political Ladder यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं।












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