Nusrat Jahan: ग्लैमर, राजनीति और अब ED की रडार! राशन घोटाले में फंसीं नुसरत जहां,अर्श से फर्श तक की पूरी कहानी
Nusrat Jahan: बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और पूर्व TMC सांसद नुसरत जहां (Nusrat Jahan) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। कभी अपनी ग्लैमरस फिल्मों, तो कभी अपनी निजी जिंदगी के फैसलों के कारण चर्चा में रहने वाली नुसरत के लिए अप्रैल 2026 की यह शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। इस बार मामला केवल फिल्मी गॉसिप तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच और राजनीति में बढ़ती दूरियों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
एक समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) का चमकता चेहरा रही नुसरत अब कानूनी पेचीदगियों और चुनावी रेस से बाहर होने जैसी खबरों के बीच अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर अर्श से फर्श तक का यह सफर कैसे बदला।

ग्लैमर की दुनिया से सियासी गलियारों तक नुसरत जहां का सफर
नुसरत जहां ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। 2010 में मिस कोलकाता का खिताब जीतने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2011 में फिल्म शत्रु से उन्होंने टॉलीवुड में कदम रखा और देखते ही देखते वह पश्चिम बंगाल की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बसीरहाट सीट (Basirhat) से मैदान में उतारा। नुसरत ने बड़े अंतर से जीत हासिल की और संसद पहुंचीं, जहां उनकी शपथ और पहनावे ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
नुसरत जहां का निजी जीवन और विवादों का साथ
नुसरत का निजी जीवन हमेशा मीडिया के निशाने पर रहा। कारोबारी निखिल जैन (Nikhil Jain) के साथ तुर्की (Turkey) में हुई उनकी शादी और फिर उसे भारतीय कानून के तहत अमान्य बताने वाले उनके बयान ने बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसके बाद अभिनेता यश दासगुप्ता (Yash Daasguptaa) के साथ उनके रिश्ते और बच्चे को लेकर भी सोशल मीडिया पर लंबी बहस छिड़ी। इन विवादों ने उनकी सार्वजनिक छवि पर गहरा असर डाला, जिसका असर अब उनके राजनीतिक करियर पर भी दिखने लगा है।
राशन घोटाले को लेकर ED का समन
ताजा मामला बेहद गंभीर है। अप्रैल 2026 में ईडी ने नुसरत जहां को राशन वितरण घोटाले और कथित फ्लैट बिक्री धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।
- राशन घोटाला: आरोप है कि उनके सांसद रहते हुए बसीरहाट के सीमावर्ती इलाकों से गेहूं की तस्करी की गई थी।
- फ्लैट धोखाधड़ी: इससे पहले भी उन पर एक रियल एस्टेट कंपनी के जरिए बुजुर्गों से करोड़ों की ठगी के आरोप लगे थे।
सियासी भविष्य पर सवाल
खबरों के मुताबिक, आगामी चुनावों में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और निजी विवादों के कारण पार्टी ने उनसे दूरी बनाना ही बेहतर समझा। एक तरफ जहां ED उनके बैंक खातों और लेन-देन की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सक्रिय राजनीति में उनकी वापसी अब धुंधली पड़ती दिख रही है। नुसरत के लिए यह समय अपनी बेगुनाही साबित करने और अपना खोया हुआ मुकाम पाने की एक बड़ी लड़ाई जैसा है।
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