'सोशल मीडिया की विश्वसनीयता धीरे- धीरे खत्म हो रही', ऐसा क्यों बोले NSA अजीत डोभाल?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शुक्रवार को तेजी से बढ़ती सोशल मीडिया की लोकप्रियता के बीच बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट हमारे रक्षा बलों के मनोबल को कम कर सकते हैं। एनएसए ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया पर उन कहानियों को खोजने और उजागर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो पूरी तरह निराधार और झूठी हैं।
सोशल मीडिया के प्रभाव और प्रभाव पर इंडियन स्ट्रैटजिक कल्चर बुक के लॉन्च पर बोलते हुए एनएसए डोभाल ने सोशल मीडिया के प्रभाव और प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का मुकाबला सोशल मीडिया के इस्तेमाल से करने की जरूरत है।

शुक्रवार को डोभाल ने कहा, "सोशल मीडिया का उपयोग करके सोशल मीडिया का मुकाबला करने की आवश्यकता है... सोशल मीडिया की विश्वसनीयता अब धीरे-धीरे कम हो रही है। आपको सोशल मीडिया पर उन कहानियों को खोजने और उजागर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो पूर्ण और स्पष्ट झूठ दिखाती हैं। यह कुछ तस्वीरें आदि प्रस्तुत करके किया जा सकता है।"
पीएम मोदी मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने, तो मोदी के प्रधान सचिव ने उनके पास हस्ताक्षर के लिए जो पहली फाइल लाई, वह डोभाल की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के रूप में नियुक्ति की थी। तब से डोभाल मोदी के दाहिने हाथ रहे हैं।
इससे पहले भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने पिछले साल डोभाल की प्रशंसा करते हुए उन्हें "अंतरराष्ट्रीय खजाना" बताया था। दरअसल, डोभाल के लिए तीसरा कार्यकाल नरेंद्र मोदी सरकार में निरंतरता के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है जिसमें शीर्ष केंद्रीय मंत्रियों ने अपने विभागों को बरकरार रखा है, डोभाल का लगातार तीसरा कार्यकाल मोदी सरकार के लिए उनके महत्व को दर्शाता है, जिसने पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक समेत सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।












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