पीएमओ में फेरबदल की बड़ी संभावना, प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की जगह ले सकते हैं ये

नई दिल्‍ली। पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को विदेश मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दे दिए हैं कि टीम मोदी-2 का रूप-स्वरूप क्या होने वाला है। साथ ही बतौर पीएम अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी बहुत कुछ ऐसा करने का लक्ष्य रखते हैं, जो भारत को दशा-दिशा दोनों ही बदल कर रख देगा। इस कड़ी में पता चल रहा है कि मोदी नौकरशाहों की टीम में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि तेज-तर्रार और अनुभवी टीम तैयार करने के फेर में 20 के आसपास नौकरशाहों को बदला जा सकता है। इसमें कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा का नाम भी शामिल है।

 पीएमओ में फेरबदल की बड़ी संभावना, प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र की जगह ले सकते हैं ये

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा आगामी 15 जून को रिटायर हो रहे हैं। इस बार उन्हें पद छोड़ना ही पड़ेगा, क्योंकि वह पहले ही दो बार अपनी रिटायरमेंट पर एक्सटेंशन ले चुके हैं। इसी तरह रॉ (RAW) व दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के कई महत्वपूर्ण पद खाली हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने अपने गुजरात सीएम रहने के दौरान के अनुभवों के आधार पर पीएम बनने के बाद ब्यूरोक्रेट्स की एक टीम तैयार की थी, जो सीधे पीएम मोदी को रिपोर्ट करती थी।

जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा का जाना तय है। इसलिए इस पद के योग्य उम्मीदवार की तलाश जारी हो गई। फिलहाल इस पद के लिए सबसे आगे राजीव गौबा का नाम चल रहा है। वह भी एक सीनियर ब्यूरोक्रेट हैं।

नृपेंद्र मिश्र की जगह ले सकते हैं दूसरे मिश्र

प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा 74 साल के हो चुके हैं. 2014 में अध्यादेश के जरिए उनको इस पद पर लाया गया था, लेकिन 75 साल की उम्र सीमा के साथ उनकी संभावना पर विराम लगता है। प्रधानमंत्री एक आचार संहिता का पालन करते हैं, जहां उनकी मंत्रिपरिषद में 75 साल से अधिक उम्र के नेता नहीं होते हैं। शायद यही कारण है कि मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा जैसे कद्दावर नेताओं को 2014 में उनके मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।

इस बार लालकृष्ण आडवाणी, जोशी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन को भी इसी कारण लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया। लेकिन मिश्रा को अभी 75 साल पार करने में एक साल बाकी है, इसलिए वह पद पर बने रह सकते हैं। नृपेंद्र मिश्रा को पद छोड़ने की स्थिति में यह तय है कि 70 वर्षीय पीके मिश्रा प्रधान सचिव का पदभार ग्रहण कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री के सबसे सक्षम सलाहकारों में शुमार अजित डोभाल एनएसए बने रहेंगे। इसका मतलब यह है कि अतिरिक्त प्रधान सचिव की प्रोन्नति होने से उनकी जगह किसी अधिकारी की जरूरत होगी। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा 63 साल के हैं और वह जून के मध्य में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में वह जूनियर मिश्रा की जगह लेंगे।

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