NRC पर सियासी हंगामे के बीच सुप्रीम कोर्ट का सरकार को अहम निर्देश, 16 अगस्त को अगली सुनवाई

नई दिल्ली: असम में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के ड्राफ्ट रिलीज होने के बाद 40 लाख लोगों का नाम उसमें शामिल नहीं है। इसी मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि कोई अथॉरिटी वैध नागरिकों की सूची से निकाले गए 40 लाख से अधिक लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से NRC को लेकर एक SOP बनाने और इसे कोर्ट अदालत में पेश करने के लिए कहा।

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NRC supreme court told the Centre no authority will take any coercive action against the over 40 lakh people

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि NRC के मामले पर SOP बनाकर कोर्ट के सामने 16 अगस्त को पेश करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन व्यक्तियों को नागरिकता रजिस्टर में जगह नहीं मिली है उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई जस्टिस गोगोई और जस्टिस नरीमन की अगुवाई वाली दो सदस्यीय बेंच ने की। वहीं, NRC कॉर्डिनेटर ने कोर्ट में बताया कि करीब 40 लाख लोगों के नाम लिस्ट में नहीं हैं जबकि 37 लाख से अधिक लोगों के नाम खारिज कर दिये गए हैं और 2.48 लाख नाम होल्ड कर दिये गये हैं।

असम में NRC ड्राफ्ट के मुताबिक तीन करोड़ 29 लाख लोगों में से दो करोड़ 89 लाख लोग भारतीय नागरिक हैं। हालांकि असम के एनआरसी कॉर्डिनेटर ने कहा कि ये महज एक ड्राफ्ट है, अंतिम लिस्ट नहीं है। जिन लोगों का नाम इसमें शामिल नहीं है, वो लोग 30 अगस्त के बाद नागरिकता को लेकर अपनी आपत्तियां / दावे दर्ज करा सकते है, जोकि 28 सितंबर तक जारी रहेगा। एनआरसी कॉर्डिनेटर ने कहा कि भारत के नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है।

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