धरना-प्रदर्शन से दूर होती केजरीवाल एंड कंपनी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) आम आदमी पार्टी (आप) के बड़े और असरदार नेता लगता है कि अब धरना-प्रदर्शन करना भूलते जा रहे हैं। आप की तरफ से सोमवार को राजधानी के जंतर-मंतर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
नदारद नेता
इसमें पार्टी का कोई भी नामवर नेता नहीं दिखा। सारे नेता,जो प्रदर्शन में भाग ले रहे थे, अनाम और अज्ञात थे। उन्हें पहले कभी नहीं देखा गया था। यानी कि बड़े नेता अब धरनों-प्रदर्शनों से बचने लगे हैं। वे टीवी चैनलों पर जाना ही पर्याप्त समझने लगे हैं।
नहीं दिखे सीएम
सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उप ख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तो छोडिए,कोई विधायक भी नहीं था। जिस शहर में आप के 67 विधायक हों, वहां पर हुए आप के प्रदर्शन में एक भी विधायक का ना होना हैरान करने वाला है।
सूत्रों ने बताया कि आप के प्रदर्शनकारियों को देखते हुए लग रहा था कि इन्हें पार्टी ने प्रदर्शन के लिए जल्दी में एकत्र किया है। एक दौर में आप के जंतर-मंतर पर होने वाले धरनों-प्रदर्शनों में भारी उपस्थिति होती थी। पर आज के प्रदर्शन में मुश्किल से 100 लोग भी नहीं थे।
इनके हाथों में उक्त नेताओं के इस्तीफे की मांग की गई थी। सूत्रों ने बताया कि जब खबरिया टीवी चैनलों के पत्रकार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारी तेज आवाज में नारे लगाने लगे। पत्रकारों के वहां से जाते ही प्रदर्शनकारियों का उत्साह भी ठंडा पड़ गया। जानकारों का कहना है कि अब आप भी सत्ता का सुख भोगने लगी है। अब आप नेताओं को लगता है कि इतनी भीषण गर्मी में प्रदर्शन से क्या लाभ होगा।













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