'मेरे मामले में कुछ भीआपत्तिजनक नहीं ,'भड़काऊ भाषण' को लेकर FIR पर औवैसी
नई दिल्ली, 09 जून। पैगंबर पर विवादित टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी अब तक शांत नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए भड़काऊ भाषण के मामले में कई लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का भी नाम हैं। अपने ऊपर इस कार्रवाई को लेकर उन्होंने भाजपा और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है।
Recommended Video

पैगंबर मोहम्मद पर दो पूर्व बेजेपी नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल की ओर की गई टिप्पणी का मामला अब तक शांत नहीं हो रहा। दिल्ली पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने पर FIRद दर्ज कर ली है। इस एफआईआर में बीजेपी के पूर्व नेताओं नूपुर शर्मा, नवीन कुमार जिंदल के साथ अपने भड़काऊ बयानों के लिए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी, यति नरसिंहानंद, पत्रकार सबा नकवी, मौलाना मुफ्ती नदीम, पीस पार्टी के शादाब चौहान, गुलजार अंसारी, अब्दुर्रहमान, अनिल कुमार मीना और हिंदू महासभा की पूजा शकुन पाण्डेय का नाम शामिल है।
मौलान मुफ्ती नदीम वही शख्स है जो एक वायरल वीडियो में वह यह कहता नजर आ रहा है कि उसके धर्म के खिलाफ अगर कोई बोलेगा तो जुबान काट ली जाएगी, आंख दिखाएगा तो आंखें फोड़ दी जाएंगी, उंगली दिखाएगा तो उंगली काट दी जाएगी। वहीं हिंदू महासभा की पूजा शकुन पाण्डेय भी इसी तरह के बयानों के लिए जानी जाती हैं। 5 जून को उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर जुमे की नमाज को हिंदू-विरोधी बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
भड़काऊ बयान को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दिल्ली पुलिस शायद हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों को ठेस पहुंचाए बिना इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का तरीका सोचने की कोशिश कर रही थी। पुलिस द्विपक्षवाद की बीमारी से पीड़ित है। अवैसी ने कहा कि एक पक्ष ने खुले तौर पर हमारे पैगंबर का अपमान किया। वहीं दूसरे पक्ष का नाम BJP समर्थकों को यह दिखाने के लिए किया गया ताकि दोनों में संतुलन बना रहे। ओवैसी ने कहा कि मेरे मामले में दर्ज एफआईआर में यह नहीं बताया जा रहा कि आपत्तिजनक क्या था।












Click it and Unblock the Notifications