मानसून को लेकर मौसम विभाग का एक और अलर्ट, सामान्य होगी बारिश लेकिन जून-जुलाई में...
नई दिल्ली। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल देश में सामान्य मानसून रहने वाला है। लेकिन प्रारंभिक भविष्यवाणी के मुताबिक जून के महीने में सामान्य के कम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि, जुलाई का महीना लगभग सूखा गुजरने वाला है। इसके बाद अगस्त और सिंतबर के महीने में झमाझम बारिश का अनुमान लगाया गया है। इस साल भी पिछले साल जैसा पैटर्न रहने वाला है।

देश के दक्षिणी हिस्से में अच्छी बारिश
हालांकि मानसून के स्थानिक और महीनेवार वितरण के लिए भारत मौसम विभाग का पूर्वानुमान अभी भी एक महीने दूर है। सरकारी नोट से पता चलता है कि तटीय क्षेत्र ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मिजोरम में 'सामान्य से नीचे' बारिश हो सकती है, जबकि तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी भाग में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य तौर पर एक जून को दक्षिणी इलाकों से देश में दस्तक देता है और 30 सितंबर तक दक्षिण भारत से ही इसकी वापसी हो जाती है।

देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य बारिश
देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य बारिश 40%-50% होने का अनुमान लगाया है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग और उत्तर-पश्चिमी भाग के महाराष्ट्र सामान्य से अधिक 50-60% बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी ने 15 अप्रैल को दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान भारत में सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की थी। 1961-2010 की अवधि में वर्षा की लंबी अवधि का औसत 88 सेमी रहा है।

जून-जुलाई में कम बारिश
दक्षिण एशिया सीजनल क्लाइमेट आउटलुक फोरम (जिसमें डब्ल्यूएमओ के नेतृत्व वाली विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां शामिल हैं) ने देश के बड़े हिस्से के लिए सामान्य बारिश का संकेत है। जो आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुरूप से मेल खाता है। मौसम विभाग ने कहा कि, जून और जुलाई में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कम बारिश के चलते फसलें प्रभावित हो सकती है।












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