मध्य प्रदेश: क्या विधायक के गनमैन की एक कॉल ने फेर दिया भाजपा के 'मंसूबों' पर पानी?
भोपाल। मंगलवार आधी रात को मध्य प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा था जब कांग्रेस ने 10 विधायकों के बीजेपी द्वारा बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। कांग्रेस का आरोप था कि कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी 'ऑपरेशन कमल' को अंजाम देने की कोशिश में जुटी हुई थी। बुधवार पूरे दिन गुरुग्राम, बेंगलुरु और भोपाल में सियासी हलचल दिखाई दी। वहीं, कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने खारिज किया लेकिन सत्ताधारी दल का कहना था कि इस साजिश के पीछे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान हैं। इस बीच कांग्रेस का दावा है कि उनकी सरकार पर किसी तरह का खतरा नहीं है और सारे विधायक उनके संपर्क में हैं।

6 विधायक भोपाल लौटे
कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार पर कोई संकट नहीं है और सब कुछ पूरी तरह नियंत्रण में है। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि भाजपा कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश रच रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि 6 विधायक भोपाल लौट आए हैं। कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी, जयवर्धन सिंह और तरुण भनोत सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक दल बुधवार दोपहर 6 विधायकों- ऐदल सिंह कंसाना, कमलेश जाटव, रणवीर जाटव, बीएसपी से निलंबित विधायक रमाबाई, संजीव कुशवाहा और सपा के राजेश शुक्ला 'बबलू' के साथ भोपाल लौटा।

चार विधायक अभी भी बेंगलुरु में- मीडिया रिपोर्ट्स
वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चार विधायक अभी भी बेंगलुरु में हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चार विधायकों बिसाहूलाल सिंह, रधुराज कंसाना, हरदीप डांग के अलावा निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह को बेंगलुरु ले जाया गया है। सूत्रों का कहना है कि चारों विधायकों को व्हाइटफील्ड रिजॉर्ट में रखा गया है। हालांकि, सत्ताधारी दल की तरफ से बार-बार दावा किया जा रहा है कि चारों विधायक उनके खेमे में लौट आएंगे और उनकी सरकार पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।

यूं लीक हुई थी विधायकों के दिल्ली में जमा होने की खबर
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मगंलवार रात तक सबकुछ 'योजनानुसार' चल रहा था लेकिन एक विधायक के गनमैन की गलती के कारण बीजेपी का ये कथित 'ऑपरेशन लोटस' फेल हो गया। एक विधायक के गनमैन ने दिल्ली रवाना होते समय एक फोन किया था और इसी फोन ने दिल्ली में विधायकों के जमा होने की खबर लीक हो गई। इसके बाद कांग्रेस ने अपनी सरकार बचाने के लिए पूरी ताकत झोंकते हुए समय रहते जीतू पटवारी और जयवर्धन को दिल्ली भेज दिया।

टलता दिख रहा सरकार पर संकट
विधायकों के कांग्रेस के खेमे में लौटने के बाद फिलहाल कमलनाथ सरकार पर कोई खतरा नहीं दिख रहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में इस वक्त कुल 228 विधायक हैं। विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 107 विधायक हैं। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के दो विधायक हैं जबकि समाजवादी पार्टी से एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। फिलहाल, जादुई आंकड़ा 115 का है। इस वक्त कांग्रेस को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है।












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