'कोई मुस्लिम महिला नहीं चाहती उसका पति 3 और बीवियां लाए', यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बोले असम के CM
नई दिल्ली, अप्रैल 30। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने की कवायद अब उत्तराखंड और यूपी के बाद असम में भी शुरू होती दिख रही है। शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समान नागरिक संहिता कानून को लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम महिलाओं को न्याय देना है तो इस कानून को देशभर में लागू करना ही होगा।

मुस्लिम महिलाएं चाहती हैं कि UCC हो लागू- हिमंत
राजधानी दिल्ली में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि देश की हर मुस्लिम महिला चाहती है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कोई हमारा मुद्दा नहीं है बल्कि देश की हर मुस्लिम महिला चाहती है कि UCC को लागू किया जाए, क्योंकि कोई मुस्लिम महिला नहीं चाहती कि उसका पति 3 अन्य पत्नियों के साथ रहे।
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर देशभर में बहस जारी
आपको बता दें कि समान नागरिक संहिता पर देशभर में फिर से बहस शुरू हो गई है। सबसे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने राज्य में इसे लागू करने की बात कही थी। उत्तराखंड के बाद से तो कई भाजपा शासित राज्यों में इसे लागू करने की मांग उठने लगी है। हालांकि विपक्षी इस मुद्दे पर अभी एकमत नहीं हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पहले से ही यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रहा है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकारों या केंद्र द्वारा समान नागरिक संहिता को अपनाने की बात सिर्फ बयानबाजी है जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान अन्य मुद्दों से भटकाना है।












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