ट्रेन की चेन पुलिंग करने पर सरकारी नौकरी से धोना पड़ेगा हाथ
रेलवे नई व्यवस्था लाने जा रहा है जिसके तहत अब चेन पुलिंग करनेवालों को उसके किए अपराध के लिए सरकारी नौकरी में एंट्री नहीं दी जाएगी।
इलाहाबाद। चेन पुलिंग कर यात्रियों के लिये परेशानी खड़ी करने वाले और रेलवे राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अब सावधान हो जायें। रेलवे ने उन पर नकेल कसने के लिये खास इंतजाम किये हैं। चेन पुलिंग करने पर पकड़े गये लोगों को रेलवे एक्ट के तहत 1000 रुपये तक जुर्माना अथवा एक साल की सजा या फिर दोनों के प्रावधान से तो गुजरना पड़ेगा ही, नयी व्यवस्था के तहत उन्हे पासपोर्ट व सरकारी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ेगा।

न पासपोर्ट बनेगा, न मिलेगी सरकारी नौकरी
चेन पुलिंग करते हुये पकड़े जाने पर न पासपोर्ट बनेगा और न ही सरकारी नौकरी मिलेगी। दरअसल पहले चेन पुलिंग करने के बाद पकड़े जाने पर आरपीएफ थाने में ही रिपोर्ट दर्ज होती थी लेकिन आरपीएफ थाने से चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया पासपोर्ट या नौकरी में नहीं होती जिससे अपराध करने के बाद भी, अपराधी बेदाग बना रहता था। अब अपराधी पर जब मुकदमा दर्ज होगा तो उसके निवास से संबंधित थाना क्षेत्र में अपराधी का रिकार्ड भेजा जायेगा । ऐसे में जब पासपोर्ट य सरकारी नौकरी में चरित्र सत्यापन के लिये पुलिस वेरीफिकेशन होगा तो संबंधित अपराधी का चेन पुलिंग का भी रिकार्ड सामने आ जायेगा जिससे उसके नौकरी व पासपोर्ट मिलने की संभावना लगभग शून्य हो जायेंगी।

रेलवे थाने से स्थानीय थाने भेजा जाएगा क्राइम रिकॉर्ड
उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के महाप्रबंधक एमसी चौहान के अनुसार रेलवे मिनिस्ट्री से भी इसके लिये हरी झंडी मिल गयी है। सिविल पुलिस यह रिकार्ड अलग से रखेगी या सिविल मुकदमों में ही दर्ज होगा। यह राज्य सरकार व पुलिस विभाग अपनी व्यवस्था के अनुसार करेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही सारी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने के बाद फाइल अटैचमेंट की सुविधा भी होगी जिससे अपराध दर्ज होते ही संबंधित थाने में भी रिकार्ड पहुंच जायेगा।

लचर कानून का मिलता है लाभ
रेलवे स्टेशन, रेल के अंदर व आउटर क्षेत्र में होने वाले अपराध का मुकदमा संबंधित आरपीएफ थाने में दर्ज होता है। यहां भी नाम, पता व पूरी जानकारी आरपीएफ थाने में सिविल थाने की तरह ही दर्ज होती है। दोनों डिपार्टमेंट अपनी अलग-अलग भूमिका व कार्यक्षेत्र में नियमावली से बंधे होते हैं जिसके चलते आरपीएफ की हिस्ट्री में कानूनन अपराध करने के बाद भी अपराधी सिविल की नजर में नहीं आता।
2017 में 75 गिरफ्तारी
आरपीएफ आंकड़े के अनुसार चेन पुलिंग के मामले में जनवरी 2017 से अब तक कुल 75 चेन पुलिंग के मामले में गिरफ्तारी हुई है जबकि 2016 में 274 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि चेन पुलिंग करने वाले 99 प्रतिशत लोग तो पकड़ में नहीं आते और जो पकड़ में आते हैं वह साधारण जुर्माना देकर अक्सर छूट जाते हैं जिसके चलते चेन पुलिंग नहीं रुकती। चेन पुलिंग पर अंकुश लगाने में नई प्रक्रिया से मदद मिलेगी।












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