लखनऊ की एफआइआर में नहीं जुड़ा योगी का नाम
लखनऊ। लखनऊ में बिना अनुमति के रैली करने पर दर्ज किए गए मामले में योगी का नाम नहीं है। लखनऊ पुलिस ने अन्य नेताओं के नाम एफआईआर दर्ज करके मामला कोर्ट तक भेजा था। भले ही चुनाव आयोग ने इस मामले मेें सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लघंन करने का आरोप लगाया था। जबकि पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में योगी आदित्यनाथ का नाम नहीं है बल्कि जो मामला दर्ज किया गया है उसमें केवल भाजपा प्रत्याशी आशुतोष टंडन व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आयोग को सीडी भेजी गई है।

यह था मामला
मैदान पर बिना अनुमित के ही योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में रैली को संबोधित कर दिया। जिसके चुनाव आयोग की ओऱ से उन्हें नोटिस दिया गया है। योगी आदित्यनाथ को रैली को संबोधित करने के लिए जिला प्रशासन ने अनुमित नहीं दी थी। जिसके बाद भी योगी आदित्यनाथ की रैली को संबोधित हो जाने के वाकये को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा है। एसडीएम को नोटिस जारी किया है।
अपने तल्ख बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में प्रशासन की अनुमित के बगैर चुनावी रैली की ओर इजाजत नहीं मिलने को सपा सरकार का तानाशाहीपूर्ण कदम बताया है। गौरतलब है कि लखनऊ पूर्वी सीट से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष टंडन के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रशासन ने हमे परेशान कर कर दिया है। यह अनुमति न देना राजनीति से प्रेरित है।












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