राजीव गांधी के हत्यारों को नहीं होगी फांसी, पुनर्विचार से SC का साफ इंकार

न्यायालय ने 21 जनवरी को दिए अपने फैसले का उद्धरण देते हुए राजीव गांधी की हत्या की साजिश रचने के दोषी पाए गए तीन अपराधियों की मौत की सजा को बदलकर आजीवन कारावास किए जाने के अपने 18 फरवरी के फैसले को कायम रखा। तीनों दोषी, वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन, एजी पेरारिवलन उर्फ आरीवू और टी सुथेंद्रराजा उर्फ संथन इस समय तमिलनाडु की वेल्लूर जेल में बंद हैं।
तीनों ने अपनी दया याचिका पर निर्णय आने में हुई अत्यधिक देरी के कारण अपनी-अपनी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदले जाने की मांग की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने 21 जनवरी को दिए अपने फैसले में कहा था कि मौत की सजा पाए दोषियों की दया याचिका पर फैसला लेने में बिना किसी कारण के और बिना किसी उचित वजह के हुई अत्यधिक देरी को उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदले जाने का पर्याप्त आधार है।












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