कोरोना वायरस: भारत में अभी तक C.1.2 वेरिएंट का कोई मामला नहीं
नई दिल्ली, 1 सितंबर: दक्षिण अफ्रीका और कुछ दूसरे देशों में कोराना वायरस का एक नया वेरिएंट C.1.2 मिला है। जिसे पहले से मौजूद वेरिएंट से ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि कोरोना वैक्सीन लगने के बावजूद हो सकता है। हालांकि भारतीयों के लिए इसको लेकर रहात की खबर है कि ये अभी तक देश नहीं मिला है। एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बुधवार को कहा है कि भारत में अब तक कोरोना के नए वैरिएंट C.1.2 का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट C.1.2 का पता इस साल मई में चला था। इसके बाद ये वेरिएंट चीन, कांगो, मॉरीशस, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड में मिल चुका है। वैज्ञानिकों ने कहा कि C.1.2 अधिक संक्रामक हो सकता है और यह कोरोना वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा को चकमा दे सकता है। इस वेरिएंट का म्यूटेशन रेट 41.8 प्रति साल है। यह मौजूदा ग्लोबल म्यूटेशन रेट से दोगुना तेज है।
साथ ही ये भी देखा गया कि इस वेरिएंट C.1.2 में काफी बदलाव हुआ है। इसलिए इसको वैरिएंट आफ इंटेरेस्ट की श्रेणी में रखा गया है। स्टडी के मुताबिक द अफ्रीका में हर महीने C.1.2 जीनोम की संख्या बढ़ रही है. मई में जीनोम सिक्वेंसिंग के 0.2% से बढ़कर जून में 1.6% और जुलाई में 2 फीसदी तक हो गए।
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लगातार सामने आ रहे नए वेरिएंट
बीते साल के शुरुआती महीनों में दुनियाभर में कोरोना के मामले मिलने शुरू हो गए थे और जल्दी ही ये विश्व में फैल गया था। इसके बाद से लगातार दुनिया इस महामारी से परेशान है। इसमें सबसे चिंताजनक यही है कि लगातार कोरोना के नए वेरिएंट मिलते रहे हैं। एक के बाद एक नया वेरिएंट सामने आने से इसकी रोकथाम की कोशिशों में लगे मेडिकल एक्सपर्ट के सामने नई चुनौती खड़ी हो जाती है। अक्सर देखा गया है कि नए वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावकारिता पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं। नए वेरिंएंट के मिलने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में कहा है कि आने वाले वक्त में कोरोना के और वैरिएंट सामने आ सकते हैं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि भविष्य में कोरोना के अधिक खतरनाक वेरिएंट दुनियाभर में फैल सकते हैं, जिससे महामारी को काबू में करने में ज्यादा समय लग सकता है।












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