नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार के प्लान पर नीतीश कुमार ने उठाए सवाल
नीतीश कुमार ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार प्रशिक्षण एवं क्षमता बढ़ाने पर जोर देने की बात कर रही है, वहीं केंद्र सरकार प्रशिक्षण केंद्रों को वित्तीय सहायता देना बंद कर चुकी है।
नई दिल्ली। नक्सलवाद से लड़ाई के लिए केंद्र सरकार ने जो प्लान बनाया है उस पर राज्य सरकारों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। सुकमा हमले के बाद नक्सल विरोधी रणनीति को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार प्रशिक्षण एवं क्षमता बढ़ाने पर जोर देने की बात कर रही है, वहीं केंद्र सरकार प्रशिक्षण केंद्रों को वित्तीय सहायता देना बंद कर चुकी है।

नक्सल समस्या पर हुई थी बैठक
राजनाथ सिंह ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मुलाकात की थी। बैठक में उन्होंने कहा था, 'देश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या का निदान अचानक से संभव नहीं है।'राजनाथ सिंह ने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने के लिए कोई शॉर्ट कट रास्ता नहीं है और इसके लिए लॉन्ग टर्म नीति बनाने की जरूरत है। सुकमा हमले के बाद केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

केंद्र को सार्थक पहल करनी चाहिए
नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसे विरोधाभास से समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा। अगर सभी कार्य राज्य को ही करने है और अपने ही संसाधन लगाने है तो इस बैठक का क्या मतलब है?बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए वामपंथी अतिवादियों के खिलाफ यह लड़ाई राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त लड़ाई है, लेकिन इन बलों की प्रतिनियुक्ति पर होने वाले खर्च को उठाने का पूरा ज़िम्मा राज्य सरकार को दिया जाता है। इस खर्च का वहन केंद्र और राज्य संयुक्त रूप से करे।वामपंथी उग्रवाद पर प्रभावी कार्रवाई करने का कार्य राज्यों पर डालकर केंद्र मात्र समीक्षात्मक भूमिका नहीं निभा सकता है। केवल राज्यों से बातचीत नहीं, केंद्र को भी सार्थक पहल करनी होगी।

उधार के हेलीकॉप्टर के काम चलाता है बिहार
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रत्येक राज्य में हेलीकॉप्टर की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए। बिहार लंबे समय से गृह मंत्रालय से हेलिकॉप्टर तैनाती के लिए अनुरोध करता रहा है। लेकिन हमसे झारखंड में तैनात हेलिकॉप्टर से ही आवश्यकता आधारित सहयोग लेने को कहा जाता रहा है।पिछले वर्ष से विशेष संरचना योजना, एकीकृत कार्य योजना को बंद किया गया जबकि हमें आशा थी की केंद्र इन योजनाओं को सुदृढ़ करते हुए संसाधनों में बढ़ोतरी करेगी। कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष से विशेष संरचना योजना, एकीकृत कार्य योजना को बंद किया गया जबकि हमें आशा थी की केंद्र इन योजनाओं को सुदृढ़ करते हुए संसाधनों में बढ़ोतरी करेगी।

रकम बढ़ाए केंद्र सरकार
नीतीश कुमार ने कहा कि समय के साथ अब इस योजना के स्वरूप एवं आयाम को और विस्तार करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके विपरीत केंद्र सरकार की नई नीति के तहत पुलिस आधुनिकीकरण योजना बजट में कटौती कर दी गई है।वर्ष 2000-2001 से 2014-15 तक केंद्र सरकार द्वारा बिहार राज्य को औसतन 40 करोड रुपये प्रति वर्ष का अनुदान दिया जाता था उसके बाद करीब 25 करोड रुपये प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं। इस रकम का कोई मतलब नहीं है और इसे कई गुना बढ़ाए जाने की आवश्यकता है

राजनाथ सिंह ने दिया 8 सूत्रीय 'समाधान' का फार्मूला
बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सल समस्या से निपटने के लिए आठ सूत्रीय ‘‘समाधान'' सुझाते हुए नक्सल प्रभावित राज्य सरकारों से इसे ‘लक्ष्य की एकता' के रूप में स्वीकार कर लागू करने का अनुरोध किया । राजनाथ सिंह ने नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि समाधान सिद्धांत के तहत कुशल नेतृत्व, आक्रामक रणनीति, प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण, कारगर खुफियातंत्र, कार्य योजना के मानक, कारगर प्रोद्यौगिकी, प्रत्येक रणनीति की कार्ययोजना और नक्सलियों के वित्तपोषण को विफल करने की रणनीति को शामिल करने की जरूरत बताई। सिंह ने पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए नक्सल विरोधी अभियानों को लागू करने में हर कदम पर आक्रामक कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने की नीति से रणनीति और सुरक्षा बलों की तैनाती, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों को पूरा करने तक आक्रामक होने की जरूरत है। सम्मेलन में पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हिस्सा लेने के लिए नहीं पहुंच सके, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे।












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