JDU-RJD गठबंधन को बहुमत मिला तो नीतीश होंगे सीएम!

जीतन ने नीतीश का नाम उछालकर बिहार में बड़ी सियासी हलचल को जन्म दे दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जो तस्वीर उभर हरी है उसमें जेडीयू का पास पलटता नज़र आ रहा है व मांझी अपने आका नितीश को इनाम देने से ज़रा भी हिचकने वाले नहीं हैं।
- बिहार विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव से ठीक पहले जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने समझौता किया था जो अब सियासी रंग में रंगता नज़र आ रहा है। बिहार में बीजेपी को रोकने के लिए ये 'महागठबंधन' रचा गया था, जिससे कि भाजपा को पीछे की पंक्ति में धकेला जा सके।
- गठबंधन राजनीतिक रूप से तीनों पार्टियों के लिए ऐसा दांव है कि नेता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। सिर्फ चुनाव जीतना ही टार्गे नहीं है, बिहार की जनता को अप्रत्यक्ष तौर पर यह समझाना भी चुनौती है कि धुर-विरोधियों के साथ आखिर समझौता किया ही क्यों गया।
- चौंकाने वाली बात है कि गठबंधन के ऐलान के वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में न नीतीश कुमार पहुंचे थे और न ही लालू यादव। तीनों पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों ने इस पकी-पकाई दाल को परोसा और आगे की रणनीति तय करने में मग्न हो गए।
क्या है गणित-
उपचुनाव में 10 में 4-4 सीटों पर आरजेडी और जेडीयू, जबकि दो सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ने वाली है। बिहार की 10 विधानसभा सीटों नरकटियागंज, राजनगर, जाले, छपरा, हाजीपुर, मोहिउद्दीननगर, परबत्ता, भागलपुर, बांका और मोहनिया पर आगामी 21 अगस्त को उपचुनाव होने हैं। इनमें सीटें बीजेपी के पास थीं।












Click it and Unblock the Notifications