नीतीश की विपक्षी एकता को नवीन पटनायक ने दिया झटका, जानें क्यों विपक्ष के साथ नहीं आए पटनायक

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से आज मुलाकात की थी। लेकिन उनके बीच विपक्ष एकता को लेकर बात नहीं बन पाई है।

nitish kumar and naveen patnaik meeting failed over opposition unity, know why Patnaik did not come with the opposition

बिहार के सीएम नीतीश कुमार की विपक्षी एकता के प्रयास को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। नीतीश कुमार आज ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मिलने भुवनेश्वर पहुंचे थे। माना जा रहा था कि, नीतीश नवीन को अपने साथ जोड़ लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अब नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद नवीन पटनायक ने कहा है कि, हम पुराने दोस्त हैं। किसी भी तरह के गठबंधन के बारे में कोई बात नहीं हुई। पटनायक के बयान नीतीश की कोशिश को झटका दिया है।

लगभग डेढ़ घंटे तक दोनों नेता के बीच बंद कमरे में बात हुई। नीतीश ने नवीन पटनायक से मुलाकात के बाद कहा कि ओडिशा आने का उनका राजनीतिक मकसद था ही नहीं। वह अपने पुराने मित्र नवीन पटनायक से गपशप करने भुवनेश्वर आए थे। जिसके बाद माना जा रहा है कि नीतीश नवीन को मनाने में सफल नहीं हुए हैं।

nitish kumar and naveen patnaik meeting failed over opposition unity, know why Patnaik did not come with the opposition

नवीन को नहीं मना पाए नीतीश कुमार?
नवीन पटनायक की राजनीति का अभी तक का फॉर्मूल 'ना काहु से दोस्ती ना काहु से बैर' वाला रहा है। उनके सभी पार्टियों के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। वहीं नवीन पटनायक ने 2024 के लिए अपनी पार्टी का स्टैंड अभी क्लियर नहीं किया है। उनकी पार्टी अभी किसी गठबंधन में नहीं है। हालांकि उनके पीएम मोदी के साथ अच्छे संबंध माने जाते हैं। यह बात खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं।

ओडिशा की 21 लोकसभा सीट की सीटें हैं। जिसमें से 12 सीटें बीजेडी, 8 लोकसभा सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास है। राज्य में बीजेपी मुख्य विपक्षी पार्टी है। बावजूद उसके बीजेपी के नेताओं और मुख्यमंत्री के बीच राज्य के भीतर काफी अच्छे संबंध माने जाते हैं। नवीन पटनायक गठबंधन की राजनीति से हमेशा बचने की कोशिश करते रहे है।

विपक्षी दलों की तरफ से 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्हें साथ लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। राजनीति के जानकारों का एक मत ये भी है कि, नवीन पटनायक बीजेपी के खिलाफ जाकर राज्य में अशांति नहीं फैलाना चाहते हैं। वे नहीं चाहते हैं कि बंगाल में जिस तरह से टीएमसी और बीजेपी एक दूसरे लड़ रहे हैं ऐसा कुछ ओडिशा में भी हो।

nitish kumar and naveen patnaik meeting failed over opposition unity, know why Patnaik did not come with the opposition

नीतीश को बदलनी पड़ेगी रणनीति
अगर नीतीश कुमार नवीन पटनायक को अपने साथ लाने में सफल हो जाते तो ये लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के लिए एक बड़े झटके से कम नहीं था। लेकिन पटनायक द्वारा साथ आने से मना करने के बाद नीतीश कुमार से अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। ओडिशा के बाद नीतीश महाराष्ट्र जा रहे हैं। जहां वे शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मिलने वाले हैं। अब नीतीश को कुछ ऐसे दलों के साथ संपर्क करना होगा जो पीएम मोदी के खिलाफ हैं। जिन्हें वे अभी तक मिले नहीं हैं। इनमें एक आंध्र की टीडीपी और दूसरी केरल की सत्ताधारी सीपीएम है।

पटना की बैठक तय करेगी विपक्ष का भविष्य
नीतीश कुमार ने 17 और 18 मई को विपक्षी एकता के लिए पटना में बैठक होने वाली है। जिसमें ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसे दिग्गजों के शामिल होने की बात कही जा रही है। इसी सिलसिले में नीतीश आज ओडिशा में थे। वे इस बैठक में नवीन पटनायक को शामिल करना चाह रहे थे। माना जा रहा है कि, नीतीश की ये बैठक ही विपक्ष की एकता के भविष्य को तय करेगी। इसी बैठक में य़े भी तय होगा कि, कांग्रेस का गठबंधन में क्या रोल रहेगा।

Recommended Video

    Nitish Kumar की नवीन पटनायक से मुलाकात का नतीजा नहीं, एकता को झटका? | वनइंडिया हिंदी

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+