महज 24 साल की उम्र और एक महीने पहले नितिन पहुंचे थे बारामूला
लखनऊ। लगातार जिस तरह से पाकिस्तान से आ रहे आतंकी भारतीय जवानों को अपना निशाना बना रहे हैं वह पाक की कायराना हरकत को दुनिया के सामने लाकर रखता है। उरी के बाद एक बार फिर से बारामूला में 46 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप में आतंकियों ने हमला बोला जिसमें बीएसएफ का एक जवान भी शहीद हो गया।
सेना की मुस्तैदी से 4 टला बड़ा हादसा
हालांकि इस बार भारतीय सेना पहले की तुलना में काफी मुस्तैद थी जिसके चलते बड़ा हमला टल गया। सेना ने चार आतंकियों को मार गिराया है।

महज 24 वर्ष की उम्र थी नितिन की
46 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप में जो जवान शहीद हुआ था उसका नाम नितिन यादव था और वह यूपी के इटावा का रहने वाला था। जवान की उम्र महज 24 वर्ष थी और हाल ही में तैनाती हुई थी।

नितिन के परिवार में मातम लेकिन गर्व भी
नितिन के परिवार में सन्नाटा पसरा है और तमाम जगहों से लोग उनके परिवार को सांत्वना देने आ रहे हैं। नितिन के भाई सचिन और उनके पिता को अपने बेटे पर गर्व है कि उसने देश के लिए अपनी जान दे दी। सचिन ने इच्छा जताई कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह भी देश के लिए अपनी जान दे देंगे।

2013 में हुई थी तैनाती
नितिन की 2013 में बीएसएफ में भर्ती हुई थी और उनकी शुरुआती तैनाती बंगाल बॉर्डर पर की गई थी, लेकिन एक महीने पहले ही उन्हें कश्मीर के बारामूला भेजा गया थ।

चाचा को बताया था कैसे हैं हालात
नितिन को काफी सक्रिय और तेज तर्रार माना जाता था, वह देश के लिए हमेशा ही तैयार रहते थे। नितिन सिंह के चाचा मुकुट सिंह का कहना है कि कुछ दिनों से उससे बात नहीं हुई थी, हालांकि आखिरी बार जब बात हुई थी तो उसने वहां के हालात के बारे में बताया था।

बड़े भाई के साथ दी थी परीक्षा
नितिन ने अपने बड़े भाई सचिन के साथ ही बीएसएफ में भर्ती होने की परीक्षा दी थी, लेकिन नितिन की भर्ती हो गई और सचिन एक नंबर से चूक गए थे।

आज आएगा पार्थिव शरीर
नितिन का पार्थिव शरीर आज रात तक उनके गांव पहुंचेगा। नितिन के चाचा मुकुट सिंह ने बताया कि बीएसएफ अधिकारियों ने उन्हें संपर्क किया और बताया है कि शव आज शाम को आ जाएग, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार की सुबह किया जाएगा।












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