Nitin Nabin Caste: किस जाति से हैं नितिन नबीन, बनें BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष, फैमिली से राजनीति तक की कहानी
Nitin Nabin Caste: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार के पूर्व मंत्री और विधायक नितिन नबीन को 14 दिसंबर 2025 को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया है। 20 जनवरी को नितिन नबीन ने बतौर भाजपा चीफ कार्यभार संभाला।
45 साल के नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। संगठन में उनकी यह तैनाती बताती है कि पार्टी आने वाले वर्षों में युवा और अनुभवी दोनों समीकरणों को साधना चाहती है। ऐसे में आइए जानते हैं नितिन नबीन के परिवार, जाति से लेकर राजनीतिक तक के बारे में।

नितिन नबीन: बिहार की राजनीति से राष्ट्रीय मंच तक (Who is Nitin Nabin)
नितिन नबीन बिहार की नीतीश सरकार में सड़क निर्माण मंत्री थे और पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत कर संगठन के अलग-अलग पदों पर काम करते हुए उन्होंने खुद को एक अनुशासित और तेज फैसले लेने वाले नेता के तौर पर स्थापित किया है। बिहार भाजपा में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती रही है।
कायस्थ जाति से आते हैं नितिन नबीन (Nitin Nabin jaati)
नितिन नबीन कायस्थ यानी लाला समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। बिहार में उन्हें भाजपा का सबसे बड़ा कायस्थ चेहरा माना जाता है। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और साफ-सुथरी छवि ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने भाजपा की युवा इकाई भाजयुमो में प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव जैसे अहम पदों पर भी काम किया है।

पिता की विरासत और राजनीति में एंट्री
नितिन नबीन का जन्म पटना में 23 मई 1980 को हुआ। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे, जिन्होंने जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत की थी। साल 2005 में 55 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से पिता के निधन के बाद नितिन पर परिवार और राजनीति दोनों की जिम्मेदारी आ गई। उस वक्त उनकी उम्र महज 26 साल थी।
उपचुनाव से विधानसभा तक मजबूत पकड़
पिता के निधन के बाद खाली हुई पटना पश्चिम विधानसभा सीट से नितिन नबीन ने 2006 का उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा पहुंचे। 2008 के परिसीमन में इस सीट का नाम बदलकर बांकीपुर हो गया। इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में वे लगातार जीत दर्ज करते रहे। 2025 के चुनाव में उन्होंने राजद की रेखा कुमारी को करीब 51 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया, जो उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है।
सरकार और संगठन दोनों का अनुभव
नितिन नबीन को पहली बार फरवरी 2021 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था। हाल ही में चुनाव के बाद बनी नई सरकार में भी उन्हें दोबारा मंत्री पद मिला। फिलहाल वे पथ निर्माण और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरकार और संगठन, दोनों स्तरों पर उनका अनुभव उन्हें भाजपा के लिए भरोसेमंद चेहरा बनाता है।
नितिन नबीन पर भाजपा का बड़ा दांव क्यों?
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। एक ओर वे संगठनात्मक रूप से मजबूत हैं, दूसरी ओर सामाजिक समीकरणों में भी उनकी स्वीकार्यता है। युवा, गैर-विवादित और अनुभवी नेता के रूप में नितिन नबीन भाजपा के भविष्य के नेतृत्व की झलक माने जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, नितिन नबीन का सफर पिता की विरासत से शुरू होकर संगठन की सीढ़ियां चढ़ते हुए अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंच चुका है। यही वजह है कि उनकी नई जिम्मेदारी को भाजपा में आने वाले बदलावों का संकेत माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications