नितिन गडकरी के परिवार की कंपनी ने लॉन्च किया शराब का नया ब्रांड, 1500 करोड़ लीटर का रखा लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के परिवार की कंपनी ने अब शराब के बिजनेस में रखा कदम। मानस एग्रो ने शराब के ब्रांड को किया लॉन्च।

कंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति ग्रुप से निकली दो कंपनी मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एथनॉल बनाने के साथ शराब बनाने का भी काम कर रही है। नितिन गडकरी अलग-अलग मंच पर एथनॉल का प्रचार करते हैं और इसके इस्तेमाल पर काफी जोर देते हैं। टाइम ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मानस एग्रो और सीआईएन एग्रो इंडस्ट्रीज ये दोनों ही कंपनियां पूर्ति ग्रुप से अलग होकर बनी हैं, जिसे नितिन गडकरी के दोनों बेटे सारंग और निखिल चलाते हैं। हालांकि नितिन गडकरी इन दोनों कंपनियों से परोक्ष तौर पर नहीं जुड़े हैं और ना ही रोजमर्रा के बिजनेस में कोई हस्तक्षेप करते हैं। मानस एग्रो इंडस्ट्रीज ने हाल ही में व्हिस्की और रम के नए ब्रांड को लॉन्च किया है।
गडकरी एथेनॉल को देते हैं बढ़ावा
गडकरी एथेनॉल की कई मंच पर वकालत करते हैं। एथेनॉल की बात करें तो यह सुगर मिल में भी तैयार होता है। उमरेद तहसील स्थित बेला में मानस सुगर फ्रैक्ट्री में एथेनॉल बनता है। अब इसी कंपनी ने व्हिस्की, रम बनाना शुरू कर दिया है। कंपनी कप्तान और होल स्टोन नाम से शराब का उत्पादन कर रही है। इन दोनों ही उत्पाद को हाल ही में लॉन्च किया गया था।
गुड़ से तैयार होती है स्पिरिट
स्पिरिट की बात करें तो इसे गुड़ से तैयार किया जाता है। मानस सुगर फैक्ट्री में गुड से इसे तैयार किया जाता है, जिसके बाद इसका इस्तेमाल शराब और एथेनॉल बनाने में किया जाता है। कंपनी के सूत्रों का कहना है कि फिलहाल शराब के उत्पादन के साथ मार्केट में इसकी टेस्टिंग की जा रही है। लेकिन कंपनी का मुख्य उत्पाद एथेनॉल ही है। मानस ग्रुप के डायरेक्टर समय बंसूद ने इस बात की पुष्टि की है कि शुरुआती चरण में शराब का उत्पादन हो रहा है। शराब को स्पिरिट से बनाया जा सकता है, इसीलिए कंपनी अपने उत्पादों को बढ़ा रही है।
टेस्टिंग चल रही है
बता दें कि सुगर फैक्ट्री में गुट से पहला जो उत्पाद बनता है वह स्पिरिट ही होता है। इसके बाद इसे प्रोसेस करके एथेनॉल बनाया जाता है, जिसे 99 फीसदी शुद्ध होना चाहिए तभी इसे पेट्रोल में मिलाया जा सकता है। भारत में बनने वाली शराब में भी कुछ मात्रा में गुड़ से बने स्पिरिट का इस्तेमाल किया जाता है। समय बंसूद ने बताया कि फिलहाल हम टेस्टिंग कर रहे हैं, जब लोग इसे स्वीकार करने लगेंगे तो उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। हम इसे महाराष्ट्र में बेचने के साथ उत्तर भारत में भी बेचने की योजना बना रहे हैँ। सर्दियों में वहां रम की अच्छी मांग होती है।
1500 करोड़ लीटर बनाने का लक्ष्य
हमे यह पता है कि बड़े उत्पादों के साथ हमारी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन बिजनेस में हमे उनका सामना करना पड़ेगा। शराब के ब्रांड बदलने पर उसके टेस्ट समेत कई अहम पहलू होते हैं जिसे ग्राहक ध्यान में रखता है। एक बार मांग बढ़ेगी तो उसके बाद हम इसके उत्पादन को बढ़ाएंगे। हम एथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 फीसदी तक बढ़ाना चाहते हैं, जिसकी आने वाले दिनों में सबसे ज्यादा मांग है। 1500 करोड़ लीटर तक एथेनॉल की मांग को पूरा करने का हमारा लक्ष्य है। फिलहाल मानस ग्रुप 2 करोड़ लीटर ही बना रहा है।












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