सेफ जर्नी के लिए Gadkari का एक और इनोवेटिव आइडिया, कार की पिछली सीटों पर भी मिल सकता है Air Bag

नितिन गडकरी ने कहा है कि कारों की पिछली सीट पर एयरबैग लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही ठोस फैसला लेगी। nitin gadkari car rear seat air bags rule passenger safety

नई दिल्ली, 04 अगस्त : केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि चार पहिया वाहनों में दो एयर बैग होना कंपलसरी किया गया है। यानी भारत में चलने वाली एसयूवी और दूसरी सामान्य कारों में सामने की सीटों पर बैठने वाले पैसेंजर की सुरक्षा के लिए वाहन में दो एयर होने बैग अनिवार्य हैं। अब गडकरी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान लोक सभा में कहा कि कार की पिछली सीटों पर भी एयरबैग के आइडिया पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कार की बैक / रियर सीट पर एयरबैग के संबंध में जल्द ही ठोस फैसला लेगी।

कार में एयर बैग के नियम

कार में एयर बैग के नियम

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एक सवाल के जवाब में नितिन गडकरी ने कहा कि फिलहाल कारों में दो एयर बैग का नियम अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि वाहन की पिछली सीट के लिए एयर बैग लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। नितिन गडकरी ने कहा की कार की अगली सीट पर यात्रा करने वाले लोग सुरक्षित रहें यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कार में दो एयर बैग अनिवार्य कर दिया है।

कार की पिछली सीट पर एयर बैग

कार की पिछली सीट पर एयर बैग

रियर सीट के पैसेंजर यानी पिछली सीट पर यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए एयर बैग के संबंध में गडकरी ने कहा, पिछली सीट पर एयरबैग का नियम अनिवार्य नहीं है, लेकिन परिवहन विभाग पीछे बैठने वाले पैसेंजर के लिए भी एयर बैग सिस्टम लाने का प्रयास कर रही है।

देखें, लोक सभा में गडकरी ने क्या कहा-

सरकार का लक्ष्य- लोगों की सुरक्षित यात्रा

नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों की संख्या को देखते हुए सरकार का प्रयास है कि चार पहिया वाहनों से यात्रा करने वाले सभी लोगों को सुरक्षित बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने के मकसद से कार की पिछली सीट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए एयर बैग लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव विचाराधीन है और सरकार जल्द ही इस संबंध में ठोस निर्णय लेगी।

क्या है एयर बैग

क्या है एयर बैग

एयरबैग गुब्बारे जैसी चीज है। वाहन दुर्घटना होने पर ये ड्राइवर और उसकी बाईं ओर बैठे पैसेंजर के लिए अहम सुरक्षा उपकरण की तरह काम करता है। वाहन की जोरदार भिड़ंत होने पर एयरबैग बाहर निकल आता है और ड्राइवर आगे की ओर टकराने से बच जाता है।

आइडिया के लिए मशहूर मंत्री

आइडिया के लिए मशहूर मंत्री

गौरतलब है कि नितिन गडकरी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने के मामले में भारत सरकार के सबसे इनोवेटिव मंत्री के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अलावा सड़क और राजमार्ग के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। गत संसद सत्र में गडकरी ग्रीन हाइड्रोजन आधारित कार से संसद पहुंचे थे। उनकी तस्वीरें सुर्खियो में रही थीं।

विपक्षी भी करते हैं तारीफ

विपक्षी भी करते हैं तारीफ

संसद सत्र के दौरान कई विपक्षी सांसदों ने भी गडकरी के योगदान की सराहना की है। बता दें कि नागपुर लोक सभा सीट से निर्वाचित लोक सभा सांसद नितिन गडकरी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री हैं। इनके मंत्रालय के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में नेशनल हाईवे और दूसरी सड़कों का बेहतर नेटवर्क बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

अमेरिकी प्रेसिडेंट से प्रभावित

अमेरिकी प्रेसिडेंट से प्रभावित

बता दें कि नितिन गडकरी संसद के बजट सत्र के दौरान सड़क हादसों को लेकर भी चिंता जाहिर कर चुके हैं। विभाग के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड पर चर्चा के दौरान उन्होंने बताया था कि भारत में होने वाले सड़क दुर्घटनाएं इतनी अधिक हैं जिससे कई बार वैश्विक स्तर पर शर्मसार होने तक की नौबत आती है, लेकिन सड़कों की गुणवत्ता बेहतर करने, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा के उपाय लगातार किए जा रहे हैं। गडकरी ने संसद में कहा था कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी से इंस्पायर होते हैं। उन्होंने दावा किया था कि आने वाले कुछ वर्षों में शायद 2024 तक भारत की सड़कें वैसी ही गुणवत्ता की होंगी जैसी अमेरिका में है।

वाहनों में ईंधन से जुड़ा आइडिया

वाहनों में ईंधन से जुड़ा आइडिया

वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर भी गडकरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों से त्रस्त जनता के लिए इथेनॉल सीएमजी और लिक्विफायड नैचुरल गैस (LNG) जैसे विकल्पों पर काम किया जा रहा है। वाहनों के इंजन भी ऐसे डिजाइन किए जा रहे हैं जिसमें इन ईंधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सके।

महिलाओं के लिए सुविधा पर ध्यान

महिलाओं के लिए सुविधा पर ध्यान

पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के अलावा वेस्ट मैनेजमेंट पर भी गडकरी सराहनीय काम कर रहे हैं। उन्होंने संसद में बताया था कि नागपुर में वे टॉयलेट के गंदे पानी को बेहतर बनाकर वेस्ट मैनेजमेंट कर रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार से परिवहन मंत्रालय को 325 करोड़ की रॉयल्टी मिल रही है। उन्होंने गंदे पानी को शुद्ध करते रूफ टॉप सोलर पावर जैसी चीजों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। सड़क किनारे महिलाओं के लिए विशेष टॉयलेट और बच्चों को दूध पिलाने के लिए एसी कमरों के निर्माण जैसे प्रस्ताव के साथ भी गडकरी ने बताया है कि उनके पास आइडिया ऐसे होते हैं जिससे सुविधाजनक होने के अलावा यात्रा सुरक्षित भी होती है।

गडकरी के कार्यकाल में भारत के वर्ल्ड रिकॉर्ड

गडकरी के कार्यकाल में भारत के वर्ल्ड रिकॉर्ड

सड़कों का जाल बिछाने के लिए मशहूर गडकरी ने संसद के बजट सत्र के दौरान आश्वासन दिया है कि दिसंबर 2023 के बाद उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से गुजरने वाले मार्ग से यात्रा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि वे खुद भी नेपाल और चीन के रास्ते मानसरोवर नहीं जाना चाहते। गडकरी का दावा है कि भारत के नाम चार वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। एक दिन सर्वाधिक 38 किलोमीटर सड़क बन रही है। 100 घंटे में 50 किलोमीटर रोड कंस्ट्रक्शन पहली बार भारत में हुआ। 24 घंटे में 2.5 किलोमीटर का फोर लेन रोड तैयार हुआ। 21 घंटे के अंतर 26 किलोमीटर की सड़क निर्माण विश्व कीर्तिमान हैं।

वाहन पार्किंग से जुड़ा आइडिया

वाहन पार्किंग से जुड़ा आइडिया

इनोवेटिव आइडिया और लोगों को सुगम यातायात मिले इस मकसद से परिवहन मंत्रालय कुछ सख्ती भी दिखाएगा। गत जून महीने में ही गडकरी ने कहा कि सरकार कानून पर विचार कर रही है। इसके तहत गलत तरीके से गाड़ी पार्किंग करने वाले लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गलत पार्किंग पर 1000 रुपये का जुर्माना और इसके बारे में फोटो क्लिक कर सूचना देने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा।

गाड़ियों का भविष्य फ्लेक्स फ्यूल !

गाड़ियों का भविष्य फ्लेक्स फ्यूल !

इथेनॉल ब्लेंडिंग वाले ईंधन पर जोर देने वाले गडकरी ने हाल के दिनों में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल जैसे विकल्पों के इस्तेमाल पर लगातार जोर दे रहे हैं। इसके अलावा दिसंबर 2021 में गडकरी ने कहा था, सरकार वाहन कंपनियों को BS-VI (भारत स्टेज 6) ईंजन बनाने को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा दोहरे ईंधन (फ्लेक्स फ्यूल) से चलने वाली गाड़ियों के अलावा 'फ्लेक्स' ईंधन से युक्त मजबूत हाइब्रिड वाहनों का मकसद भारत की पेट्रोलियम इंपोर्ट पर निर्भरता घटाना है।

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