अलग-अलग वैक्सीन की खुराक से कोई नुकसान नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय की सफाई
नई दिल्ली, मई 27: कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार अब धीमी हो रही है जो एक राहत भरा संकेत है, लेकिन देश में चल रहे कोरोना टीकाकरण की गति भी मंदी पड़ी है, देश के कई राज्यों में वैक्सीन ना होने के कारण सेंटर बंद है, जिससे 18 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस बीच खबर भी आ रही है कि कोरोना की मिलने वाली दो डोज में वैक्सीन बदली जा रही है यानी पहले कोवैक्सीन लगाई गई है तो दूसरी कोविशील्ड की खुराक दी जा रही है, जिस पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने अपना बयान दिया है।

दरअसल, हाल ही में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में कुछ लोगों को गलती से कोविशील्ड के बाद कोवैक्सीन लगाने का मामला सामने आया था। वहीं ऐसा देश के कई जगहों पर भी हुआ है, जिस पर डॉ. वीके पॉल ने बताया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से सजग रहना है कि ऐसा न हो। पहले जो टीका लगे उसी का दूसरा टीका लगे, लेकिन फिर भी अगर ऐसा हो गया है तो इतना कोई महत्वपूर्ण मामला नहीं होना चाहिए।
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इसके अलावा उन्होंने बताया कि ऐसी भी बातचीत चल रही है कि बदल के वैक्सीन लगे तो इम्यूनिटी ज्यादा होती है। जब सामने आएगा तब बताएंगे। उस परिवार के लिए चिंता की बात नहीं है। वहीं डॉ. वीके पॉल ने साफ कर दिया कि अगर लोगों को अलग-अलग खुराक मिल रही है तो इसमें चिंता करने की कोई वजह नहीं है, यह सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम परीक्षण के आधार पर मिक्स एंड मैच (वैक्सीन की खुराक) करने की सोच रहे हैं।












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