21 दिन में निर्मला सीतारमण की तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोलीं- चिंता की बात नहीं, किए ये बड़े ऐलान
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा है कि देश की आर्थिक हालत को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है। मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और औद्योगिक उत्पादन में भी सुधार हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतों के बीच शनिवार दोपहर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने ये बाते कही हैं। इस दौरान उन्होंने कई बड़े ऐलान किए हैं। अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेतों के बीच बीते 1 महीने से भी कम वक्त में आज तीसरी बार वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा फोकस होम बायर्स, एक्सपोर्ट और टैक्स रिफॉर्म पर है। छोटे डिफॉल्ट में अब आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा। 25 लाख रुपये तक के टैक्स डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई के लिए सीनियर अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी।
निर्मला सीतारमण के मुताबिक अप्रैल-जून में इंडस्ट्री के रिवाइवल के संकेत मिले हैं। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी स्कीम का फायदा एनबीएफसी को मिला है। बैंकों का क्रेडिट आउटफ्लो भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट के लिए नई स्कीम लॉन्च की गई है। 1 जनवरी 2020 से मर्चन्डाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडियन स्कीम यानी एमईआईएस की जगह नई स्कीम आरओडीटीईपी को लॉन्च किया गया है।
वित्तमंत्री ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि उनकी सरकार ई असेसमेंट स्कीम शुरू करेगी। असेसमेंट में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। यह आवंटन पूरी तरह से ऑटोमैटिक होगा। सीतारमण ने पार्शल क्रेडिट गारंटी स्कीम का ऐलान किया है, जिससे बैंक अपनी संपत्ति बढ़ा सकें। वित्तमंत्री ने कहा कि 19 सितंबर को हम सभी सरकारी बैंकों के हेड से मिलेंगे और चर्चा करेंगे।
सीतारमण ने कहा, फिक्स्ड इनवेस्टमेंट में काफी सुधार दिख रहा है। जुलाई के बाजट में हमने राजकोषीय घाटे का जिक्र किया था। एफडीआई फ्लो के बारे में हम काफी बात कर चुके हैं। अब तक इसमें सुधार ही हुआ है। अगस्त में इसमें काफी सुधार देखा गया है।
देश में ज्यादातर सेक्टरों में सुस्ती और नौकरियों के जाने के बीच वित्त मंत्री की 21 दिन में ये तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। वित्तमंत्री ने 23 अगस्त को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेशी निवेशकों पर लगने वाले अतिरिक्त सरचार्ज को हटाने और बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। 30 अगस्त को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये बैंकिंग सेक्टर को लेकर कई बड़े एलान किए थे। इसमें 10 सरकारी बैंकों (पीएसबी) को मिलाकर चार बैंक बनाने की बड़ी घोषणा की गई थी।












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