Nirbhaya Case: दोषी पवन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी होने के बाद तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच दोषियों में से एक पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन दायर की जिस पर सुप्रीम कोर्ट में कल यानी सोमवार को सुनवाई की जाएगी। पवन ने अपनी याचिका में दावा किया है कि वह अपराध के समय नाबालिग था और उसके साथ नाबालिग कैदी जैसा ही व्यवहार किया जाए। बता दें कि पवन ने यह भी दावा किया है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उसके नाबालिग होने के तथ्य की अनदेखी की थी।

गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में साल 2012 में निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ था जिसके दोषियों को कोर्ट ने 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देने का आदेश दिया है। बता दें कि इससे पहले भी दिल्ली की एक अदालत ने डेथ वारंट जारी करते हुए 22 जनवरी को फांदी देने का आदेश दिया था लेकिन दोषी मुकेश कुमार की दया याचिका के चलते फांसी टाल दी गई थी। राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया है।
निर्भया का ये दरिंदा नाबालिग होने के कारण हो चुका है रिहा
बता दें इस केस में एक दोषी जिसने निर्भया के साथ सबसे अधिक दंरिंदगी की थी वह कुछ साल पहले महज तीन साल की जेल में सजा काट कर रिहा कर दिया गया था क्योंकि वह उस समय नाबालिग था। देश को दहला देने वाले निर्भया गैंगरेप में छह आरोपियों में से वह एक घटना के दिन नाबालिग था। हालांकि वह कुछ ही महीनों बाद 18 साल का होने वाला था लेकिन कोर्ट ने मौजूदा कानून के आधार पर उसे नाबालिग मानते हुए सजा देने की बजाए सुधार गृह में भेजने का फैसला सुनाया। निर्भया के दोषियों में से यही एक चेहरा है जिसे आज तक देश ने नहीं देखा है।












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