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निर्भया केस: पवन गुप्ता की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज

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    Nirbhaya Case: दोषी Pawan Gupta की याचिका भी खारिज पर टल गई फांसी | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और हत्या के दोषी पवन कुमार गुप्ता की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। निर्भया केस में चारों दोषियों में एक पवन कुमार गुप्ता ने आज ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर कहा था कि अपराध के समय (2012) में वह नाबालिग था। उसने पिटीशन में उसके नाबालिग होने की दलील ठुकराने के आदेश को चुनौती दी थी और डेथ वारंट पर भी रोक की मांग की थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

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    इस याचिका में पवन ने सुप्रीम कोर्ट के 20 जनवरी के उस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी जिसमें अदालत ने उसकी वारदात के समय नाबालिग होने की याचिका को खारिज कर दिया था। पवन ने याचिका में कहा था कि घटना के वक्त वह 18 साल से कम का था इसलिए उसको फांसी नहीं हो सकती है। पवन गुप्ता का दावा है कि अपराध के वक्त वह नाबालिग था। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि पवन ने अपनी उम्र से जुड़ी जानकारी के दस्तावेजों को जानबूझकर छिपाया, वह 2012 में बालिग था।

    इससे पहले गुरुवार को निर्भया गैंगरेप केस में एक और दोषी अक्षय कुमार सिंह की अपनी फांसी की सजा खिलाफ दायर की गई क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अक्षय की क्यूरेटिव पिटीशन पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की और याचिका को खारिज कर दिया। अक्षय ने अपनी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में ये क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी।

    अदालत ने सभी चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को 1 फरवरी को फांसी देने का आदेश दिया है। इससे पहले अदालत ने 22 जनवरी का डेथ वारंट जारी किया था। मुकेश की याचिका की वजह से इसे टालना पड़ा था और 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देने का नया वारंट जारी हुआ था।

    दिसंबर, 2012 में दिल्ली में गैंगरेप और हत्या को अंजाम दिया गया था। 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस पर सवार 6 लोगों ने दक्षिणी दिल्ली के इलाके में गैंगरेप किया था। इसके बाद उसको लोहे की रॉड से मारा गया था। वारदात के बाद उसे चलती बस से नीचे फेंक दिया था। लड़की ने 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में छह लोगों पर मुकदमा चला। एक आरोपी ने जेल में कथित तौर आत्महत्या कर ली। एक आरोपी नाबालिग था, जो तीन साल की सजा काटकर बरी हो चुका है। बाकी चार मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को फांसी की सजा हुई है।

    निर्भया केस: अक्षय कुमार सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट से खारिज

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    English summary
    nirbhaya case Supreme Court dismisses convict Pawan Gupta petition
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