भतीजी दीपा को जयललिता के घर में घुसने से रोका, हंगामा
दीपा जयकुमार ने जयललिता के संपत्ति पर दावेदारी करते हुए खुद को कानूनी वारिस बताया है। दीपा को जयललिता के घर पोएस गार्डन में घुसने नहीं दिया गया।
चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के आलीशान घर में उनकी भतीजी दीपा जयकुमार को घुसने नहीं दिया गया। दोपहर बाद हुई इस घटना में दीपा जयकुमार को पोएस गार्डन में जाने से रोका गया। अभी हाल ही में अपनी नई पार्टी लॉन्च करने वाली दीपा ने बताया कि भाई दीपक ने जयललिता के घर में उनको बुलाया था लेकिन सिक्योरिडी गार्डों ने उनके साथ बदसलूकी की और बाहर ही रोक दिया। दीपा जयकुमार के साथ गए एक न्यूज चैनल के कैमरामेन पर भी हमला हुआ है।

दीपा के समर्थकों ने किया विरोध प्रदर्शन
दीपा जयकुमार के समर्थकों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वी के शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनकरन के समर्थकों ने दीपा जयकुमार को पोएस गार्डन में घुसने से रोका। वी के शशिकला एआईएडीएमके अम्मा गुट का नेतृत्व करती हैं।

भाई दीपक पर लगाया साजिश का आरोप
दीपा जयकुमार ने दीपक पर भी आरोप लगाया कि उनके बार-बार कहने पर वह पोएस गार्डन आई थींं। दीपा ने दीपक पर शशिकला के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप लगाया। दीपा ने कहा, 'दीपक और शशिकला ने मेरी आंटी जयललिता की हत्या करने की साजिश की। जयललिता उनके लिए मां के समान थीं लेकिन पैसों के लिए दीपक उनके खिलाफ हो गया और उनको मार डाला।'

जयललिता की संपत्ति पर दीपा का दावा
दीपा के पति ने भी आरोप लगाया है कि उन दोनों को शशिकला के गुंडों से जान को खतरा है। जे जयललिता की मौत के बाद दीपा जयकुमार ने एमजीआर अम्मा दीपा पेरावई नाम से फरवरी में पार्टी बना ली। इसके बाद दीपा ने खुद को वारिस बताते हुए जयललिता की संपत्ति पर कानूनी हक जताया। जब तक जयललिता जिंदा थीं तब तक दीपा का कोई पता नहीं था। जब जयललिता हॉस्पिटल में भर्ती हुईं तो अचानक दीपा सामने आईं। उस समय दीपा ने जयललिता से मिलने की जिद की थीं लेकिन उनको अनुमति नहीं दी गई।

पोएस गार्डन को लेकर चल रहा विवाद
पोएस गार्डन की संपत्ति जयललिता को उनकी मां संध्या से विरासत में मिली थी। जयललिता की कोई वसीयत अभी तक नहीं मिली है। उनकी मृत्यु के बाद सहयोगी और करीबी रहीं शशिकला पोएस गार्डन में रह रही थीं। फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने जब उनको आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया तो शशिकला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। ओ पन्नीरसेल्वम का विरोधी गुट यह मांग करता रहा है कि पोएस गार्डन को स्मारक बना दी जाए।












Click it and Unblock the Notifications