बेंगलुरु हिंसा: NIA ने अपने हाथ में ली जांच, हिंसा भड़काने में SDPI नेता का नाम आया सामने

बेंगलुरु। बेंगलुरु में अगस्त महीने में हुई हिंसा मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में दो केस दर्ज किए हैं। NIA ने अपनी जांच में SDPI नेता मुजम्मिल पाशा (Muzamil Pasha) को भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का दोषी पाया है। 11 अगस्त की रात गुस्साई भीड़ ने केजी हल्ली और डीजी हल्ली पुलिस स्टेशन के साथ ही कांग्रेस एमएलए अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास पर जमकर तोड़फोड़ की थी। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी।

Bengaluru Violence

हिंसा में SDPI नेता की भूमिका
एनआईए ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि 'SDPI के स्टेट सेक्रेटरी मुजम्मिल पाशा ने एक मीटिंग बुलाई थी जिसमें PFI और SDPI के कार्यकर्ताओं को भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद भीड़ डीजी हल्ली, केजी हल्ली और पुलकेशी नगर इलाके में उत्तेजित हो गई और जमकर हिंसा हुई।'

एनआईए ने कहा कि 11 अगस्त को करीब 1000 लोगों की भीड़ कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के कवाल बड़संडा स्थित आवास के बाहर इकठ्ठा हो गई थी। भीड़ विधायक के भतीजे नवीन के कथित फेसबुक पोस्ट को लेकर उत्तेजित थी जिसके मुताबिक पोस्ट से मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ था।

इसके पहले बेंगलुरु पुलिस द्वारा गठित जांच दल हिंसा मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की भूमिका जांच कर रहा था। SDPI एक राजनीतिक संगठन है जो कर्नाटक के मुस्लिम बहुल इलाकों में राजनीतिक जमीन तलाश कर रहा है।

IG के नेतृत्व में NIA की टीम कर रही जांच
अब मामले की जांच के लिए IG के नेतृत्व में NIA की जांच टीम बेंगलुरु में डेरा डाले हुए है। साथ ही NIA ने मामले में केजी हल्ली और डीजी हल्ली पुलिस थानों में एक-एक केस भी दर्ज किया है।

अगस्त में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की थी। साथ हिंसा में हुए निजी और सार्वजनिक सम्पत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए दावा कमिश्नर की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

11 अगस्त को बेंगलुरु में एक कथित फेसबुक पोस्ट को लेकर हिंसा भड़क गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आस-पास के पुलिस थानों में 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

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