सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए एनआईए ने 40 लोगों को किया तलब

नई दिल्ली। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े एक मामले में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 40 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा है, जिनमें एक पत्रकार और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन से जुड़े किसान नेता और अन्य लोग शामिल हैं।

नई दिल्ली। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े एक मामले में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 40 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा है, जिनमें एक पत्रकार और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन से जुड़े किसान नेता और अन्य लोग शामिल हैं। एनआईए के अधिकारियों ने शनिवार को इस बाबत जानकारी दी। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि "एनआईए ने कई लोगों को परीक्षण के लिए नोटिस भेजे हैं।" अधिकारी ने कहा कि मामले के कुछ विवरणों का पता लगाने के लिए उन्हें गवाह के रूप में बुलाया गया है।

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    यह पूछे जाने पर कि पत्रकार के अलावा किन-किन लोगों को बुलाया गया है, अधिकारी ने कहा, "मैं विशेष रूप से उन व्यक्तियों के पेशे के बारे में नहीं कह सकता, जिन्हें परीक्षण के लिए बुलाया गया है।" अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने कई लोगों को जांच के लिए गवाह के रूप में बुलाया था। अधिकारी ने आगे कहा, "उन्हें जांच के लिए कुछ विवरणों की जांच करने के लिए बुलाया गया है।"

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    एनआईए ने लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी (एलएडब्ल्यूएस) जो नए कृषि कानूनों पर सरकार के साथ बातचीत में भाग लेने वाले यूनियनों में से एक है के अध्यक्ष बलदेव सिंह को भी बुलाया है। एनआईए के समन के अनुसार, सिंह को 17 जनवरी को दक्षिण दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित अपने मुख्यालय में आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।
    सिंह के अलावा, सुरेंद्र सिंह थिकरीवाल, पलविंदर सिंह, परदीप सिंह, नोबेलजीत सिंह और करनैल सिंह को भी 17 और 18 जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है।

    गौरतलब है कि, एनआईए ने पिछले साल 15 दिसंबर को आईपीसी की कई धाराओं सहित गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक मामला दर्ज किया था। एफआईआर में एनआईए ने आरोप लगाया है कि एक गैर-कानूनी संगठन एसएफजे और अन्य खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों ने भय और अराजकता का माहौल बनाने के लिए एक साजिश रची है। एजेंसी ने आरोप लगाया गया है कि ऐसे अलगाववादी संगठनों ने सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए लोगों को उकसाने का काम किया है।

    मामले में दर्ज प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी और अन्य देशों में जमीनी स्तर पर अभियान तेज करने और प्रचार के लिए भारी मात्रा में धन भी एकत्र किया जा रहा है। इन अभियानों को नामित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू, परमजीत सिंह पम्मा, हरदीप सिंह निज्जर और अन्य द्वारा चलाया जा रहा है।

    एनआईए की प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया कि इस साजिश में शामिल एसएफजे और अन्य खालिस्तानी समर्थक तत्व लगातार सोशल मीडिया अभियान और अन्य माध्यमों से भारत में अलगाववाद के बीज बोना चाहते हैं। यह नेता भारत के टुकड़े करना चाहते हैं और खालिस्तान के नाम से अलग राष्ट्र के निर्माण का मंसूबा रखे हुए हैं। यही नहीं, ये समूह आतंकवादी कार्रवाई करने के लिए युवाओं को उग्र और कट्टरपंथी बना रहे हैं और उनकी भर्ती भी कर रहे हैं।

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