विपक्ष की ओर से कौन होगा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार, शुक्रवार को फैसला संभव
शुक्रवार को विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं की बैठक है, जिसमें इस बात पर मुहर लग सकती है कि आखिर विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का संयुक्त उम्मीदवार कौन होगा?
नई दिल्ली। देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इसको लेकर माथापच्ची का दौर जारी है। जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी गणित बिठाने में जुटे हुए हैं। हालांकि अभी तक दोनों ही पक्षों की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर कोई नाम सामने नहीं आया है। इन सबके बीच विपक्ष की रणनीति है कि वो एकजुट होकर ऐसा नाम आगे करें जिसे सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल सके। कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों को उम्मीद है कि इसी रणनीति से वो राष्ट्रपति चुनाव में मोदी के नेतृत्व एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार को रोकने में सफल होंगे। अगर ऐसा होता है तो कहीं न कहीं 2019 के आम चुनाव से पहले विपक्ष के लिए बड़ी कामयाबी होगी।
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज
विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन होगा, शुक्रवार को इस पर फैसले की उम्मीद है। शुक्रवार को विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं की बैठक है, जिसमें इस बात पर मुहर लग सकती है कि आखिर विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का संयुक्त उम्मीदवार कौन होगा?

शुक्रवार को विपक्षी दलों की अहम बैठक
विपक्ष की ओर से जेडीयू के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का नाम दूसरे कार्यकाल के लिए आगे बढ़ाया, उन्हें उम्मीद थी कि विपक्ष प्रणब मुखर्जी के नाम पर एक साथ आ सकता है, हालांकि कांग्रेस प्रणब मुखर्जी को दूसरे कार्यकाल के पक्ष में नजर नहीं आई। बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 14 जुलाई को समाप्त हो रहा है। इससे पहले ही राष्ट्रपति का चुनाव होना चाहिए।

विपक्ष की ओर से गोपाल कृष्ण गांधी का नाम सबसे आगे
फिलहाल विपक्ष की ओर से कई प्रमुख दल राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर समर्थन में आ चुके हैं लेकिन अभी तक समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दूसरी ओर बीजू जनता दल भी इस मुद्दे पर अभी दूर है। उनसे भी बातचीत का दौर जारी है। फिलहाल विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर जो नाम चर्चा में हैं उनमें गोपाल कृष्ण गांधी, शरद यादव और मीरा कुमार हैं। शरद पवार का नाम भी इसमें शामिल था लेकिन उन्होंने खुद ही इसे खारिज कर दिया।

सत्तापक्ष और विपक्ष में किसका पलड़ा भारी?
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियों का जोर इसी बात पर है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम ऐसा हो जिस पर आम सहमति बन सके। फिलहाल विपक्ष की ओर से उम्मीदवार कौन होगा इसको लेकर शुक्रवार को आखिरी फैसला हो सकता है। दूसरी ओर अगर सत्ताधारी बीजेपी की बात करें तो वहां भी राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अभी कोई एक नाम सामने नहीं आया है।

एनडीए की तरफ से कौन होगा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार?
बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में चर्चा का दौर जारी है, राष्ट्रपति उम्मीदवार के रुप में कई नाम सामने आ रहे हैं। इनमें झारखंड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का भी नाम शामिल है। संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी चर्चा में था लेकिन उन्होंने खुद ही अपना नाम इस रेस से हटा लिया। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को राष्ट्रपति चुनाव में करीब 20 हजार इलेक्टोरन कॉलेज वोटों की दरकार है। अगर उसे एआईएडीएमके और बीजू जनता दल का साथ मिलता है तो अगला राष्ट्रपति उनकी ही पसंद का होगा, ये तय हो जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications