आगामी रेल लाइनों से सिमलीपाल वन तक पहुंच बढ़ेगी, ओडिशा की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा
ओडिशा के मयूरभंज जिले में तीन रेल लाइनों की आधारशिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रखी, जिसका उद्देश्य सिमलीपाल वन्यजीव अभ्यारण्य की कनेक्टिविटी में सुधार करना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये परियोजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी और अविकसित क्षेत्रों के विकास में सहायता करेंगी।

बंगीरीपोसी-गोरूमहिषानी, बुरामारा-चकुली और बदामपहार-केंद्रझरगढ़ रेल लाइनें मयूरभंज जिले के बंगीरीपोसी में शुरू की गईं। वैष्णव ने ध्यान दिलाया कि सिमलीपाल, जो यूनेस्को वर्ल्ड नेटवर्क बायोस्फीयर रिजर्व है, टाइम पत्रिका के अनुसार दुनिया के शीर्ष 50 स्थलों में शामिल है। ये रेल लाइनें सिमलीपाल और अन्य सांस्कृतिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुँच को सुगम बनाएंगी।
आर्थिक और विकासात्मक लाभ
वैष्णव ने कहा कि नई रेल लाइनें व्यावसायिक अवसर पैदा करेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करेंगी। ये परियोजनाएं पूरे मयूरभंज जिले और ओडिशा के उत्तरी भागों को कवर करेंगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी। खनिज संपन्न क्षेत्रों में निर्माण से माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ होगा।
बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश
सरकार ने इन परियोजनाओं में 73,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं। वैष्णव ने जोर देकर कहा कि नई रेल लाइनें ओडिशा के मयूरभंज और केओन्झर जिलों के साथ-साथ झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में विकास और विकास को तेज करेंगी।












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