यूपी में नई जनसंख्या नीति 11 जुलाई से, मुख्यमंत्री ने समुदाय विशेष में जागरुकता पर दिया जोर
लखनऊ, 09 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस के मौके पर 11 जुलाई को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नई जनसंख्या नीति को जारी करने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इस नीति में उन लोगों को लाभ दिया जाएगा जो जनसंख्या को नियंत्रित करने में मदद करेंगे। सरकार के सूत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जोकि राष्ट्रीय परिवार हेल्थ सर्वे-4 के आंकड़ों पर आधारित है। नई नीति की समीक्षा के दौरान गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गरीबी और अशिक्षा बढ़ती जनसंख्या की अहम वजह है। इसके साथ ही कुछ समुदाय में जनसंख्या को लेकर जानकारी का अभाव है। लिहाजा इस बात की जरूरत है कि समुदाय केंद्रित जागरुकता बढ़ाने के काम पर ध्यान दिया जाए।

इस बीच सूत्र ने कहा कि नई नीति के तहत राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत गर्भनिरोधक और सुरक्षित गर्भपात के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नपुंसकता, बांझपन के लिए लोगों को सुरक्षित समाधान प्रदान करके नवजात व माताओं की मृत्यु दर को कम करके जनसंख्या नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। इस नीति में बुजुर्ग लोगों के बेहतर जीवन, उनके लिए उचित साधन उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। 11 से 19 साल के बच्चों को अच्छा खान-पान, स्वास्थ्य आदि पर भी इस नई नीति में ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नीति 2000-16 की मियाद खत्म हो चुकी है, लिहाजा नई जनसंख्या नीति की हमे जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बताया कि नई जनसंख्या नीति को तैयार करते समय इस बात की कोशिश होनी चाहिए समाज में सभी समुदाय में जनसांख्यिकी संतुलन बना रहे, साथ ही उचित पोषण से माता और शिशु की मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके।












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