New Labour Code: केंद्र को बड़ा झटका! केरल में नहीं लागू होगा लेबर कोड, राज्य में क्यों हो रहा इसका विरोध
New Labour Code: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 4 नए लेबर कोड को लेकर पूरे देश में बहस जारी है, लेकिन इसी बीच केरल सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है। राज्य के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने गुरुवार, 27 नवंबर को साफ करते हुए कहा कि केंद्र के लेबर कोड को केरल में लागू नहीं किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में शिवनकुट्टी ने कहा कि भले ही अधिकांश राज्यों ने इन लेबर कोड्स को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया हो, लेकिन केरल ने शुरू से ही इनका विरोध किया है और अपना स्टैंड नहीं बदला है। आइए जानते हैं क्यों हो रहा है इसका विरोध...

केरल ने कहा-लेबर कोड लागू नहीं करेंगे
श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने बताया कि पिछले महीने केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने सभी राज्यों की बैठक बुलाई थी, जिसमें केरल ने खुलकर कहा कि वह इन लेबर कोड्स को लागू नहीं करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य ने केंद्र के दबाव में लेबर कोड से जुड़े ड्राफ्ट रेगुलेशन तैयार किए थे, तो शिवनकुट्टी ने इसे सख्ती से खारिज किया। उन्होंने कहा, "अगर हम दबाव में होते तो कोड्स को स्वीकार करने की चिट्ठी भेज देते। ऐसा कोई कदम हमने नहीं उठाया।
राज्य की कई लेफ्ट पार्टियां सेंट्रल के इस नए लेबर कोड का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि ये कोड 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लाया गया है जिसमें मजदूरों के लिए कुछ भी नहीं है। उनका मानना है कि ये कोड मजदूरों के हड़ताल का हक छिनने से लेकर सिक्योरिटी तक बहुत कुछ बदल गया है।
ड्राफ्ट रेगुलेशन पर भी दी सफाई
राज्य में 14 दिसंबर 2021 को ड्राफ्ट रेगुलेशन अधिसूचित किया गया था। इस पर उठ रही शंकाओं को दूर करते हुए मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी। उन्होंने बताया-यह काम खुले तौर पर हुआ था और मैंने फाइल में सार्वजनिक राय लेने की भी सिफारिश की थी। लेकिन इसके बाद पिछले तीन साल में इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
केंद्र ने चारों लेबर कोड किए नोटिफाई
केंद्र सरकार ने हाल ही में 2020 से लंबित सभी चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं। इनमें सभी कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य होगा। गिग वर्कर्स को यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी, सभी सेक्टर्स में न्यूनतम मजदूरी और समय पर पेमेंट देने के साथ ही श्रम कानूनों में बड़े बदलाव शामिल हैं। हालांकि, केरल सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह इन कोड्स को "एंटी-वर्कर" मानती है।
ट्रेड यूनियन बैठक बुलाई जाएगी
मंत्री शिवनकुट्टी ने कहा कि सरकार किसी भी हालत में मजदूर-विरोधी रुख नहीं अपनाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि केंद्र के लेबर कोड पर चर्चा के लिए सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। इसके अलावा, दिसंबर के तीसरे सप्ताह में तिरुवनंतपुरम में लेबर कॉन्क्लेव आयोजित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जहां इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।












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