GST Rate आज से हो गया लागू: कौन सा सामान हुआ सस्ता और क्या अब महंगा, शॉपिंग करने से पहले चेक कर लें पूरी लिस्ट
GST Rate Update 2025: देश में मोदी सरकार के नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म आज 22 सितंबर 2025 से लागू हो गए हैं। नवरात्रि और त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत आई है। अब रोजमर्रा के कई सामान पहले से सस्ते हो गए हैं, जबकि कुछ लग्जरी आइटम्स पर टैक्स बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि ''आज से देश में GST बचत उत्सव'' शुरू हो रहा है।
अब घर बनाने, टीवी-फ्रिज खरीदने, बाइक-कार लेने या होटल में रुकने तक सब कुछ सस्ता होगा। गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, महिलाएं और नौजवान सभी को इसका फायदा मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस महीने की शुरुआत में नई दरें घोषित की थीं। पुराने जटिल टैक्स स्लैब खत्म कर अब सिर्फ दो बड़े स्लैब रह गए हैं - 5% और 18%। कुछ लग्जरी और सिन गुड्स पर टैक्स 40% रहेगा। आइए जानें अब 5% और 18% स्लैब में क्या-क्या चीजें आएगी और 40 फीसदी वाले स्लैब में क्या आएगा। ये भी जानेंगे किन प्रोडक्ट पर टैक्स 0% लगेगा।

✅ 0% (NIL) GST में अब शामिल सामान
अब ये चीजें बिल्कुल टैक्स-फ्री हो गई हैं
- रोटी, परांठा, परोटा, खाखरा और दूसरी इंडियन ब्रेड्स
- पनीर (Chena or Paneer), पिज्जा ब्रेड
- UHT मिल्क
- जरूरी जीवनरक्षक दवाएं जैसे - Agalsidase Beta, Imiglucerase, Eptacog alfa, Onasemnogene abeparvovec, Asciminib, Mepolizumab, Daratumumab, Alectinib, Risdiplam आदि
- नोटबुक, ग्राफ बुक, लैब बुक
- पेंसिल शार्पनर, रबर
- वॉल मैप्स, ग्लोब
🟢 5% GST में शामिल सामान
अब इन सामानों पर सिर्फ 5% टैक्स लगेगा -
- दूध से बने प्रोडक्ट्स: कंडेंस्ड मिल्क, मक्खन, घी, चीज़
- ड्राई फ्रूट्स: बादाम, काजू, पिस्ता, हेज़लनट्स
- सूखे फल: अंजीर, खजूर, अमरूद, संतरा, नींबू
- पास्ता, मैकरोनी, नूडल्स, स्पेगेटी, कूसकूस
- नमकीन, भुजिया, मिक्सचर, चबेना (प्री-पैक्ड)
- आइसक्रीम, चॉकलेट, कोको पाउडर
- रेडी-टू-ईट स्नैक्स, कॉर्न फ्लेक्स, केक-बिस्किट
- शैम्पू, हेयर ऑयल, शेविंग क्रीम, टैल्कम पाउडर
- टूथपेस्ट, डेंटल फ्लॉस, टॉयलेट सोप
- पैक्ड मिनरल वाटर (20 लीटर बोतल)
- सर्जिकल रबर ग्लव्स, मेडिकल ऑक्सीजन
🔵 18% GST में शामिल सामान
- कुछ सामान अब महंगे हो जाएंगे, क्योंकि इन पर 18% टैक्स लगेगा -
- सीमेंट, कोयला, लिग्नाइट
- एयर कंडीशनर, डिशवॉशिंग मशीन
- फ्यूल और लुब्रिकेंट पंप्स
- 2,500 रुपए से ज्यादा कीमत वाले कपड़े और फैशन आइटम
- ऑटोमोबाइल इंजन और उसके पार्ट्स
- प्रिंटिंग और राइटिंग पेपर (कुछ कैटेगरी को छोड़कर)
🔴 40% GST में शामिल लक्ज़री और Sin Goods
कुछ प्रोडक्ट्स पर टैक्स पहले से ज्यादा हो गया है -
- पान मसाला, सिगरेट, सिगार, तंबाकू और निकोटीन प्रोडक्ट्स
- कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स
- 1200cc से ऊपर इंजन वाली कारें, SUV, लग्ज़री मोटरसाइकिल (350cc से ऊपर)
- प्राइवेट एयरक्राफ्ट, यॉट्स और लग्ज़री बोट्स
- रिवॉल्वर और पिस्टल (पर्सनल यूज़ के लिए)
- ऑनलाइन जुआ, कैसिनो, घुड़दौड़, लॉटरी और मनी गेमिंग
नए GST रेट्स से जहां घर-गृहस्थी और मिडिल क्लास परिवार की जेब हल्की होगी, वहीं सरकार को लग्ज़री और सिन गुड्स से ज्यादा टैक्स मिलेगा। यानी आम आदमी को राहत और अमीर वर्ग पर अतिरिक्त बोझ। त्योहारी सीजन में ये बदलाव निश्चित तौर पर खरीदारी की रफ्तार बढ़ाएंगे। अब देखना होगा कि GST Savings Festival का असर चुनावी माहौल पर कैसा पड़ता है।
🔵 जीएसटी बदलाव: क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सआरई कंसल्टेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जफीर अहमद का कहना है कि हाल ही में किए गए जीएसटी बदलावों का मकसद हमारे अप्रत्यक्ष कर ढांचे को ज्यादा स्पष्ट और सरल बनाना है. लेकिन असली चुनौती यह है कि क्या इनका फायदा सचमुच ग्राहकों तक पहुंच रहा है या नहीं।
उनके मुताबिक, सरकार को इस बात पर खास नजर रखनी होगी कि कंपनियां टैक्स कटौती का लाभ अपनी कीमतों में दिखा रही हैं या नहीं। इसके लिए साफ-सुथरे रिपोर्टिंग सिस्टम, अचानक जांच (surprise checks) और सख्त पेनाल्टी जैसे कदम उठाने होंगे, ताकि कोई भी व्यापारी अनुचित मुनाफाखोरी न कर सके.
जफीर अहमद ने यह भी कहा कि केवल निगरानी ही काफी नहीं है, बल्कि जागरूकता अभियान भी चलाने होंगे, जिससे ग्राहक समझ सकें कि अगर उन्हें कहीं गड़बड़ी लगे तो वे शिकायत कर सकें।
उनका मानना है कि जीएसटी बचत का फायदा आगे बढ़ाना सिर्फ नियम मानने की बात नहीं है, बल्कि यह भरोसा बनाने और खर्च बढ़ाने का जरिया है। जब व्यापारी सही कदम उठाते हैं और सरकार भी कड़ी निगरानी रखती है, तो उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होता है और औपचारिक अर्थव्यवस्था में लगातार विकास देखने को मिलता है।












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