New Delhi stampede news: अपनों को खोने का गम लेकर जिंदा हैं कई परिवार! भगदड़ पीड़ितों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
New Delhi stampede news:नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) पर शनिवार, 15 फरवरी की रात मची भगदड़ ने कई परिवारों को बिखेर दिया है। रात 9:30 बजे मची इस भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। एलएनजेपी अस्पताल ने 15 लोगों के मौत की पुष्टी की है जिसमें 10 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।
बता दें कि, इस हादसे में घायल हुए यात्रियों का इलाज दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में चल रहा है और मृतकों के शव को LNJP हॉस्पितल के मर्चरी में रखा गया है। इस हादसे में अपनों को खोने वाले या अपनों से बिछड़ जाने वाले यात्रियों का दर्द उनके चेहरे पर साफ समझ आ रहा है। किसी की मां..किसी की पत्नी..तो किसी की बेटी और किसी का पति इस हादसे ने कई लोगों के रिश्ते खत्म कर दिए।
"मेरी मां मर गई है उसका.." यात्री का छलका दर्द
किसी की मां..किसी की पत्नी-बेटी..तो किसी का पति इस हादसे ने कई लोगों के रिश्ते खत्म कर दिए। बिहार के एक यात्री ने रोते हुए आपबीती बताई, "इस हादसे में मेरी मां की मौत हो गई है, भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगे थे।"

वहीं, बिहार के छपरा की पूनम देवी एलएनजेपी अस्पताल के शवगृह में किसी रिश्तेदार का शव लेने पहुंची थी। उन्होंने न्यूज एजेंसी एनआई से बात करते हुए बताया कि, "अचानक से अनाउंसमेंट हुई कि बिहार जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म 14 पर आने वाली है और लोग भागने लगे तभी भगदड़ मच गई। मुझे बताया गया है कि,शव यहां रखे गए हैं इसलिए मैं अपने रिश्तेदार का शव लेने आई हूं..हम बिहार के छपरा जा रहे थे..मुझे अपनी ट्रेन के टिकट के बारे में कुछ नहीं पता है। मुझे ये भी नहीं पता है कि मुझे किस ट्रेन से जाना है।"
एक प्रत्यक्षदर्शी तुषार कहते हैं, "जब मैं प्लेटफॉर्म पर गया, तो देखा कि वहां बहुत भीड़ थी। अचानक लोग बेहोश हो रहे थे और सीढ़ियों से गिर रहे थे। वहां एक आदमी था जिसकी पत्नी और बेटी बेहोश पड़ी थीं। हम उसकी बेटी को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया, लेकिन हमने उसके पिता को सूचित नहीं किया। बाद में उसे एलएनजेपी रेफर कर दिया गया... हम उसका शव लेकर अस्पताल पहुंचे..."
महा कुंभ स्नान करने प्रयागराज जा रहे एक अन्य यात्री वेद गुप्ता कहते हैं, "मैं दिल्ली से हूं, मैं प्लेटफॉर्म 14 से प्रयागराज में स्नान करने के लिए अपनी पत्नी के साथ जा रहा था। रेलवे स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। हम बस किसी तरह बच गए।"
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