New Delhi Stampede: अश्विनी वैष्णव के कार्यकाल में हर महीने इतने रेल हादसे, आंकड़े डराने वाले
New Delhi Stampede:15 फरवरी की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) पर मची भगदड़ में अभी तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज LNJP हॉस्पिटल में किया जा रहा है।
वहीं हादसे के पास जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं रेल ने इस हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान कर दिया है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख हुए गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी।मामूली रूप से घायल को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे।

लोगों का सवाल, रेलवे का जवाब- 'जांच जारी है'
इस हादसे के बाद फिर का बार रेलवे के सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोग रेलवे और रेल मंत्री से सवाल पूछ रहे है। वहीं रेलवे प्रशासन की और से सभी प्रश्नों का जवाब हमेशा की तरह 'उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की बात कही जा रही है। लेकिन सवाल उठता है कि कब तक जांच के नाम पर लोगों के मौत का मजाक बनाया जाएगा।
क्या इस तरह के जांच के बाद भी रेलवे ने कुछ ऐसे उपाय किए हैं जिससे इस तरह की घटना दुबारा न हो। इन सब सवालों का जवाब भी लगभग वही है 'जांच जारी है'।
औसतन हर महीने 3 छोटे बड़े रेल हादसे
वैसे तो रेल हादसे पहले भी बहुत हुए हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे हादसे ने लोगों में रेल यात्रा को लेकर डर फैला दिया है। वहीं पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें दावा किया गया था कि जब से अश्विनी वैष्णव रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला है तब से औसतन हर महीने 3 छोटे बड़े रेल हादसे हो रहे हैं।
ये आंकड़े डराने वाले हैं। इन आंकड़ों को देखने के बाद तो यही लग रहा है कि भारतीयों के लिए लाइफ लाइन माने जाने वाली रेल अब 'हादसों का रेल' बन चुकी है।
'रेल' मंत्री से 'रिल' मंत्री
भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 7 जुलाई 2021 को रेल मंत्रालय के कार्यभार संभाला। शुरुआत में अश्विनी वैष्णव का 'नायक' अवतार भी देखने को मिला।
उन्होंने रेलवे में सुधार को लेकर कई कदम उठाए। ग्राउंड जीरो पर जा कर रेलवे की परेशानियों को समझा उससे दूर करने के लिए कई फ़ैसले भी लिए। लेकिन जब पिछले दिनों एक RTI रिपोर्ट सामने आई तो परिणाम ठीक उलट आए।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि, जब से अश्विनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय का काम काज संभाला तब से देश भर में छोटे बड़े हादसे को मिलाकर हर महीने रेल 3 हादसे हो रहे हैं।
इस रिपोर्ट को देख कर ही विपक्ष के लोग उनपर तंज़ कसते हुए 'रील' मंत्री कहते हैं। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि वे रेलवे में सुधार की जगह सिर्फ रील बनाने में व्यस्त रहते हैं।
कुछ बड़े रेल हादसे
13 जनवरी, 2022: बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस जलपाईगुड़ी के पास डिरेल हुई जिसमें 9 यात्रियों की मौत हुई।
2 जनवरी, 2023: मारवाड़ जंक्शन के पास सूर्यनगरी एक्सप्रेस के कई कोच डिरेल हो गए। इस हादसे में कई यात्री घायल हो गए।
2 जून, 2023: ओडिशा के बालासोर में भयानक रेल हादसा हुआ जिसमें 290 लोगों की मौत हुई थी।900 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यहां पर तीन ट्रेनों में टक्कर हुई थी।
25 अगस्त, 2023: तमिलनाडु के मदुरै स्टेशन के पास भीषण ट्रेन हादसा हुआ जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी।
11 अक्टूबर, 2023: बिहार के रघुनाथपुर स्टेशन के पास ट्रेन डिरेल हो गए इस हादसे में 4 यात्री की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए।
29 अक्टूबर, 2023: आंध्र प्रदेश के कोट्टावालसा स्टेशन के पास ट्रेन बेपटरी हो गई जिसमें 14 लोगों की मौत हुई कई लोग घायल हो गए।
18 जुलाई 2024: यूपी के गोंडा स्टेशन के पास रेल डिरेल हुई जिसमें 4 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हो गए।
इसके अलावा इन वर्षों में सैकड़ों मालगाड़ी और यात्री गाड़ी डिरेल हो चुकी है जिस वजह रेल यातायात प्रभावित होते रहते हैं।












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