कोरोना का नया स्ट्रेन भारत में कितना खतरनाक है? AIIMS डायरेक्टर ने दिया जवाब

नई दिल्ली। ब्रिटेन (Britain) अफ्रीकी देशों में मिले कोरोना वायरस (Corona Virus) के नए स्ट्रेन (Corona Virus new strain) ने दुनियाभर में महामारी (Epidemic) को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नए कोरोना स्ट्रेन के बारे में बोलते हुए एम्स से डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस ने कई जगहों पर अपने रूप बदल लिए हैं। ब्रिटेन के नए कोरोना स्ट्रेन को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात ये हैं कि यह ज्यादा संक्रमणकारी है, साथ ही यह काफी तेजी से एक-दूसरे में फैलता है।

Recommended Video

    Coronavirus Update : Randeep Guleria की चेतावनी,तेजी से फैलता है New Corona Strain | वनइंडिया हिंदी
    New coronavirus strain more infectious and spreads rapidly: Randeep Guleria

    एम्स से डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कोरोना में विभिन्न स्थानों पर कुछ परिवर्तन हुए हैं। महामारी विज्ञान के आंकड़ों से पता चला है कि ब्रिटेन में मिला नया स्ट्रेन अधिक संक्रामक है और जहां तक बीमारी का संबंध है तेजी से फैलता है। अध्ययन से यह पता चलता है कि ब्रिटेन के स्ट्रेन ज्यादा इन्फैक्शियस होने की वजह से यह चिंता की बड़ी वजह है और सरकार ने यूके से आने वाली फ्लाइट्स को बंद करने समेत कई कदम उठाए हैं। नया स्ट्रेन भारत में आया है या नहीं, यह पता करने के लिए कंसोर्टियम की स्थापना की गई है।

    एम्स के डायरेक्टर ने आगे कहा कि, अगर ब्रिटेन के स्ट्रेन के चलते कोविड-19 के मामलों में इजाफा होता है तो हम उस पर एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि, कोरोना को लेकर भारत बहुत अच्छी स्थिति में है और रोजाना के मामलों में काफी कमी आई है। हमारी रिकवरी दर काफी ऊंची है और मृत्युदर काफी कम है। गुलेरिया ने कहा कि, दिसंबर में भारत में रिपोर्ट होने से पहले यूके का नया स्ट्रेन यहां पर था या नहीं, यह कहना मुश्किल है। ऐसा संभव है कि ब्रिटेन का नया स्ट्रेन भारत में नवंबर या फिर दिसंबर की शुरुआत में ही आ गया हो।

    रणदीप गुलेरिया ने कहा कि, ऐसी संभावना है कि यह हो सकता है, क्योंकि हमें यह याद रखना चाहिए कि सितंबर के अंत में इस स्ट्रेन के बारे में सबसे पहले पता चला था। अगर आप इस स्ट्रेन के बारे में देखें तो यह तेजी के साथ फैलता है। परंतु, भारत के मामले में पिछले 4-6 हफ्ते के दौरान कोरोना के मामलों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। अगर ब्रिटेन का कोरोना स्ट्रेन भारत में आ भी चुका था तो यह हमारे कोरोना के मामले और हॉस्पीटलाइजेशन पर असर डाल सकता है। हमें अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत है और भारत में इसे व्यापक तौर पर ना आने दें।

    उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी खबर है कि एस्ट्राजेनेका को ब्रिटेन के नियामक अधिकारियों द्वारा अपने टीके के लिए मंजूरी मिल गई है। उनके पास मजबूत आंकड़े हैं। भारत में, वही टीका देश के सीरम संस्थान द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के कई हिस्सों के लिए एक बड़ा कदम है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+