Nepal Protest Impact: नेपाल-भारत सीमा पर SSB ने पकड़े 60 से ज्यादा लोग, बॉर्डर इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
Nepal Protest Update: नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों और जेल ब्रेक की घटनाओं का असर अब भारत-नेपाल सीमा पर साफ दिखने लगा है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पिछले दो दिनों में सीमा के अलग-अलग इलाकों से करीब 60 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें ज्यादातर नेपाली नागरिक बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ये लोग नेपाल में हाल ही में हुई जेल ब्रेक की घटनाओं के बाद भागकर भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इन लोगों को उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बॉर्डर पॉइंट्स से पकड़ा गया है।

SSB अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए लोगों को संबंधित राज्यों की पुलिस को सौंप दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दो-तीन लोग खुद को भारतीय मूल का बता रहे हैं, जिसकी जांच जारी है।
सीमा पर तैनात 60 हजार से ज्यादा जवान
SSB गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाला अर्धसैनिक बल है, जो 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा करता है। यह सीमा पूरी तरह खुली और बाड़ रहित है।
#UPDATE | Sashastra Seema Bal (SSB) has so far apprehended 60 inmates who fled from Nepal jail. They have all been held at different checkposts of the India-Nepal border. All the inmates have been handed over to the local police: Officials https://t.co/vdGx5auVag
— ANI (@ANI) September 11, 2025
सीमा सुरक्षा बल की लगभग 50 बटालियनें (करीब 60,000 जवान) बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तैनात हैं। नेपाल में हालिया हिंसा के मद्देनज़र सीमा पर गश्त और निगरानी को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।
नेपाल की APF के साथ संयुक्त गश्त
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि SSB लगातार नेपाल की अर्धसैनिक बल आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के संपर्क में है। दोनों बलों ने संयुक्त गश्त भी की है। इसके अलावा, SSB ने सीमा क्षेत्रों में स्वतंत्र फ्लैग मार्च भी निकाले हैं ताकि यह संदेश दिया जा सके कि भारत की ओर से किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल को भरोसा दिलाया है कि दोनों देशों के असली नागरिक, जिनके पास वैध पहचान पत्र हैं, उन्हें सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है।
नेपाल में हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। बता दें कि गुरुवार, 11 सितंबर को एक जेल में कैदियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में 3 कैदी मारे गए। वहीं अब तक हुई हिंसा और भागदौड़ में 8 कैदियों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि 15,000 से ज्यादा कैदी नेपाल की दो दर्जन से ज्यादा जेलों से फरार हो गए हैं।
प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा के बाद सेना का नियंत्रण
हिंसक प्रदर्शनों और बिगड़ती स्थिति के चलते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को मंगलवार को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद नेपाल आर्मी ने कई प्रांतों में कर्फ्यू और पाबंदियां लगा दीं। देशभर में हालात सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक विरोध प्रदर्शनों की आग पूरी तरह शांत नहीं हुई है।
कुल मिलाकर, नेपाल में फैले इस हिंसक आंदोलन का असर भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गया है, जिससे भारत भी सतर्क हो गया है और सीमा पर चौकसी बेहद कड़ी कर दी गई है।












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