नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदला, जानिए अब क्या रखा गया नया नाम?
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलते ही कांग्रेस भड़क उठी। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि नाम बदलने से विरासत नहीं मिटती।
देश की राजधानी में स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (NMML) को अब अब प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड सोसाइटी (PMMS) के नाम से जाना जाएगा। शुक्रवार को सोसायटी के उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। ऐतिहासिक बदलाव को लेकर कांग्रेस खेमे ने बीजेपी को घेरा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है।
उधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि इमारतों का नाम बदलने से विरासत नहीं मिटती। जो लोग स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के निर्माण में जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाना चाहते हैं, वो एक बार नेहरू की गहराई को समझने के लिए डिस्कवरी ऑफ इंडिया और विश्व इतिहास की झलक पढ़ें।

अध्यक्ष PM मोदी तो उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
आपको बता दें कि नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी, जो अब प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड सोसाइटी से जाना जाएगा। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वहीं, उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं। वहीं, इसके सदस्यों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, जी किशन रेड्डी, अनुराग ठाकुर समेत 29 हस्तियां शामिल हैं।
क्या है इसका इतिहास?
- 1929-30- बना तीन मूर्ति हाउस भारत में कमांडर-इन-चीफ का आधिकारिक निवास था।
- 1948- यह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास हो गया। अपनी मृत्यु तक यहीं रहे।
- 1964- नेहरू की 75वीं जयंती पर तत्कालीन राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन ने तीन मूर्ति भवन राष्ट्र को समर्पित किया।
- नेहरू स्मारक संग्रहालय का उद्घाटन किया। फिर दो साल बाद संस्था के प्रबंधन के लिए एनएमएमएल सोसायटी की स्थापना की गई।












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