New Parliament Building: 'संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान', NDA ने की 19 राजनीतिक दलों के बहिष्कार की निंदा
New Parliament Building Inauguration: NDA ने नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने वाले 19 राजनीतिक दलों के फैसले की निंदा की।

28 मई को होने वाले नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर राजनीति जोरों पर है। विपक्षी दल इस कार्यक्रम में शामिल ना होकर इसका बहिष्कार कर रहे हैं। 19 राजनीतिक दलों ने उद्घाटन कार्यक्रम से दूरी बना ली है। जिस पर अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का बयान आया है।
NDA ने की फैसले की निंदा
बुधवार को एनडीए ने कांग्रेस के नेतृत्व में 19 विपक्षी दलों के 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के फैसले की निंदा की है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कहना है कि वे 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के 19 राजनीतिक दलों के निर्णय की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। NDA के बयान में कहा गया कि यह केवल अपमानजनक नहीं है, यह हमारे महान राष्ट्र के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान है।
गठबंधन दलों ने की विपक्ष से अपील
एक बयान में सत्तारूढ़ गठबंधन (NDA) के 14 दलों के नेताओं ने भी विपक्षी दलों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा। इसी के साथ कहा कि अगर वे अपने रुख पर आगे बढ़ते हैं तो भारत के लोग "हमारे लोकतंत्र और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों के अपमान" को नहीं भूलेंगे। .
बता दें कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), टीएमसी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट सहित 19 विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बहिष्कार करने की घोषणा की है। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नए संसद भवन के उद्घाटन की मांग की है।
इन दलों का मिला सरकार को समर्थन
विपक्ष की मुहिम को जोरदार झटका देते हुए शिरोमणि अकाली दल, बीजू जनता दल और वाईएसआरसीपी ने नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का ऐलान किया है। इसी के साथ इन सभी दलों ने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए।












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