पीएम मोदी के लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार के विरोध में खुद घिरी एनसीपी-कांग्रेस, जानिए कैसे?
Lokmanya Tilak National Award: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी, लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले 41वें शख्सियत बन चुके हैं। पुणे में आयोजित एक समारोह के दौरान पीएम मोदी को यह अवॉर्ड दिया गया, लेकिन इससे पहले एक अजीब राजनीतिक स्थिति बनकर सामने आई है।
दरअसल, पुणे में पीएम मोदी को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने को लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं में नाराजगी है। एनसीपी और कांग्रेस नेता इस अवॉर्ड को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन जिस मंच से पीएम मोदी को सम्मानित किया गया, वहां खुद शरद पवार मौजूद रहे।

विरोध के बीच अजीब स्थिति
अब विरोध की अजीब स्थिति इस वजह से बनी कि एनसीपी का शरद पवार गुट पीएम मोदी को लोकमान्य तिलक पुरस्कार दिए जाने का विरोध कर रहा है, लेकिन खुद शरद पवार उस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
दूसरी तरफ कांग्रेस भी उस स्थिति में विरोध कर रही है, जब पुरस्कार उस ट्रस्ट द्वारा दिया जा रहा है, जिसके उपाध्यक्ष रोहित तिलक कांग्रेसी हैं!
इस वजह से दिया जाता है पुरस्कार
दरअसल, तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट हर साल एक अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि के मौके पर यह पुरस्कार प्रदान करती है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने देश की प्रगति और विकास के लिए उल्लेखनीय और असाधारण काम किया है।
पीएम मोदी को मिला सम्मान
ऐसे में इस बार प्रधानमंत्री मोदी को तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ट्रस्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके असाधारण नेतृत्व और नागरिकों के बीच देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की मान्यता में इस पुरस्कार के के रूप में चुना गया है।
वहीं तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जिसके बाद खुद पवार मंच पर नजर आए।
रोहित तिलक कांग्रेस नेता
बता दें कि रोहित तिलक महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव हैं और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के पड़पोते हैं। वहीं वो इस कार्यक्रम के कर्ताधर्ता भी है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का विरोध करने के बाद खुद पार्टी भी घेरे आ गई है।












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