हमले के लिए नक्सली थे तैयार, मगर कमांडोज थे अनजान
पटना। बिहार के औरंगाबाद में हुए नक्सल हमले ने 10 कोबरा कमांडोज की जान ले ली है। हैरानी की बात है कि कमांडोज पर हुआ यह हमला पूरी तरह से अचानक हुआ हमला था जिसमें नक्सली पहले से हमले के लिए तैयार थे लेकिन कमांडोज ऐसे हमले से निबटने के लिए तैयार ही नहीं थे।

इंटेलीजेंस असफलता का नतीजा हमला
हमला साफतौर पर इंटेलीजेंस की असफलता का भी बड़ा उदाहरण है। यह हमला उस समय हुआ जब कमांडोज नक्सलियों के खिलाफ एक ऑपरेशन को अंजाम देने में लगे थे।
सोमवार को नक्सलियों के साथ हुए एनकाउंटर में औरंगाबाद के डुमरी नाला में बहादुर कमांडोज की जान चली गई। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने इस हमले को अंजाम दिया था। नक्सलियों के पास बड़ी मात्रा में आईइडी थीं।
यही आईइडी कमांडोज की दुश्मन साबित हुईं। हालांकि किसी तरह कमांडोज भी तीन नक्सलियों को मार गिराने में कामयाब हुए।
हमले की जांच शुरू
इस हमले को लेकर जांच शुरू हो गई है और जांच में इस बात की तरफ इशारा मिलता है कि कमांडोज पर हमले की फिराक में पहले से ही कई नक्सली तैयार बैठे थे।
उन्होंने आसपास बड़ी संख्या में आईडी बिछाकर रखी थी। इस हमले में बड़ी संख्या में नक्सलियों की भी जान गई होगी लेकिन नक्सली किसी तरह से अपने घायल नक्सलियों को सुरक्षित जगह पर ले जाने में कामयाब हो गए।
बिहार के डीजीपी की ओर से कहा गया है कि जांच जारी है और जांच में आईइडी की पुष्टि हुई है। वहीं दूसरी ओर बारिश ने भी ऑपरेशन में कई तरह से बाधा डालने का काम किया है।












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