समुद्र में ताकत बढ़ाने के लिए नौसेना में शामिल होंगे 56 जंगी जहाज और 6 सबमरीन
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नई दिल्ली। इंडियन नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने सोमवार को कहा कि नौसेना में 56 नए जंगी जहाज और 6 सबमरीन को शामिल करने के लिए सरकार से अनुमति मिल गई है। इनके साथ स्वदेशी एयरक्राफ्ट विक्रांत भी शामिल होगा, जो बनकर लगभग तैयार हो चुका है। नेवी डे के दिन प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडमिरल लांब ने कहा कि तीनों सेवाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए यह एक बहुत बड़ा सौदा किया गया है।

एडमिरल लांबा ने अपने 70 मिनट की प्रेस कांफ्रेंस में नेवी के आधुनिकीकरण के लिए उठाए गए कई नए कदमों के बारे में जिक्र किया, जिसमें बड़े स्तर पर सैन्य जेट और हेलीकॉप्टरों की तैनाती और दूसरे स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर जो आने वाले तीन सालों के भीतर शुरु हो जाएंगे। समुद्रों में चीन की बढ़ती ताकत को देखते हुए एडमिरल ने कहा कि 2050 तक हमारे पास 200 जंगी जहाज और 500 एयरक्राफ्ट होंगे, जो कि एक वर्ल्ड क्लास नेवी होगी।
दो फ्रंट (चीन-पाकिस्तान) पर भारत की चुनौती के सवाल का जवाब देते हुए लांबा ने कहा कि पाकिस्तानी नेवी से हम बहुत आगे हैं और नेवी का शक्ति संतुलन फिलहाल भारतीय महासागर पर ही है। लांबा ने कहा, 'इंडियन नेवी की बात की जाए तो हमारे कोई दो फ्रंट नहीं है। हमारा सिर्फ एक फ्रंट है और वह भारतीय महासागर है।'
न्यूक्लियर सबमरीन पर बात करते हुए एडमिरल लांबा ने कहा कि इंडियन नेवी ने इसी साल आईएनएस अरिहंत के पहले निवारण गश्त को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। आईएनएस अरिहंत न्यूक्लियर पावर वाली बैलेस्टिक मिसाइल सबमरीन है।












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