राजनीति में एंट्री करने की तैयारी में हैं नवजोत सिंह सिद्धू की ग्लैमरस बेटी राबिया, पढि़ए उनका प्रोफाइल
नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को उनकी राजनीतिक पारी में मंगलवार को बड़ा जीवनदान मिला। सुप्रीम कोर्ट ने उनको रोडरेज मामले में महज एक हजार जुर्माना लगाकर छोड़ दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई तीन साल की कैद की सजा को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को मारपीट का दोषी तो करार दिया, लेकिन गैरइरादतन हत्या के आरोप से बरी कर दिया। अमृतसर स्थित सिद्धू के घर कोर्ट के इस फैसले का जश्न मना। इस दौरान सिद्धू की फैशन डिजाइनर बेटी राबिया सिद्धू ने पहली बार मीडिया से खुलकर बात की। अपने सियासत में आने पर राबिया ने कहा कि अगर पापा और मम्मी चाहेंगे कि मैं सियासत में आऊं तो पंजाब का भला करने के लिए जरूर आएंगी। जानिए और क्या कहा राबिया ने

राबिया ने जाहिर की खुशी और कहा ये
राबिया सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर की और कहा कि पापा नवजोत सिद्धू ने कभी कोई गलत काम नहीं किया। फैसला आने से पहले कुछ घबराहट जरूर थी, पर पापा कहते हैं कि डरता वह है जिसने कुछ गलत किया हो। वहीं, नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि यह हर उस व्यक्ति की जीत है जो ईमानदारी से काम करता है। मृतक व्यक्ति के परिवार के न चाहने पर भी सुखबीर सिंह बादल ने केस को उछाला। पहले इस मामले में न बोलने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि केस अदालत में होने कारण वह चुप रही हैं।

लाइम लाइट से दूर रहती हैं राबिया
राबिया सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत की पहली संतान है। लाइमलाइट से काफी दूर रहती हैं राबिया। हाल ही में सोनी के लोकप्रिय चैनल 'कपिल शर्मा शो' में नजर आयी थीं। राबिया इस समय फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही हैं। फेसबुक पर अभी तक अधिकृत नहीं हुए राबिया सिद्धू नाम के पेज पर काफी तस्वीरें हैं। वहीं ट्विटर पर भी उनके नाम से तीन अकाउंट हैं लेकिन अधिकृत अकाउंट की जानकारी नहीं है। राबिया की अदाएं किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस से कम नहीं हैं।

जान लीजिए उनकी डिग्री
दरअसल, राबिया अपने फोटो को लेकर सोशल मीडिया पर भी छाईं रहती हैं। राबिया ने स्कूली पढ़ाई यादविंद्र पब्लिक स्कूल पटियाला से की है। इसके साथ ही उन्होंने पाथवेज वर्ल्ड स्कूल से भी स्टडी की। इसके बाद उन्होंने सिंगापुर के लसल्ले कॉलेज ऑफ द आर्ट्स में फैशन डिजाइन का कोर्स किया।

क्या था रोडरेज का पूरा मामला
27 दिसंबर 1988 को सिद्धू और उनके दोस्त रूपिंदर सिंह संधू की पटियाला में कार पार्किंग को लेकर गुरनाम सिंह से कहासुनी हुई थी। झगड़े के बाद गुरनाम की मौत हो गई थी। सिद्धू और उनके दोस्त संधू पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। 1999 में सेशन कोर्ट से सिद्धू को राहत मिली और केस खारिज कर दिया गया। 1 दिसंबर 2006 को हाईकोर्ट बेंच ने सिद्धू और उनके दोस्त को दोषी माना। 6 दिसम्बर को सुनाए गए फैसले में सिद्धू और संधू को 3-3 साल की सज़ा सुनाई गई और एक लाख जुर्माना भी लगा था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।












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