नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कांग्रेस की हार के लिए कितने ज़िम्मेदार
अब तक के रुझानों के मुताबिक़ पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी का लगभग सफ़ाया कर दिया है.
नतीजे आश्चर्यजनक नहीं हैं, क्योंकि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही ये कह दिया था कि पंजाब में कांग्रेस की हार यक़ीनी है.
कांग्रेस में 46 सालों तक रहे दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय क़ानून मंत्री अश्विनी कुमार ने फ़रवरी के मध्य में पार्टी से इस्तीफ़ा देने के बाद ये भविष्यवाणी कर दी थी कि पंजाब विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस की भारी हार होगी और जीत आम आदमी पार्टी की होगी.
उन्होंने कहा था, "जहां तक मैं समझता हूं, कांग्रेस पंजाब में चुनाव हार रही है और आम आदमी पार्टी जीत रही है. ग्रामीण इलाकों में जहां कभी अकाली दल, कांग्रेस का दबदबा था, वहां नए उम्मीदवारों को समर्थन मिल रहा है."
अश्विनी कुमार ने उस समय जो कहा था, 7 मार्च के बाद एग्जिट पोल्स भी यही कह रहे थे. कई विशेषज्ञों ने पिछले साल कहा था कि जब से पार्टी के नेतृत्व ने नवजोत सिंह सिद्धू के आगे घुटने टेक दिए तब से राज्य के लोग कांग्रेस के पतन की भविष्यवाणी कर रहे थे.
केजरीवाल ने पंजाब में कैसे किया कमाल, कांग्रेस, अकाली कहां पिछड़े
पंजाब चुनाव मतगणना: वोटिंग से लेकर नतीजों तक सभी अहम सवालों के जवाब
क्या सिद्धू पंजाब में कांग्रेस के पतन के लिए अकेले ज़िम्मेदार?
राजनीतिक विश्लेषकों ने चेतावनी दी थी कि विधानसभा चुनावों के बीच पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह लेना एक नासमझी भरा फैसला होगा.
बीबीसी पंजाबी सर्विस के एडिटर अतुल संगर कहते हैं कि कांग्रेस की हार के कई कारण हैं लेकिन सिद्धू इसका एक बड़ा कारण हैं.
वो कहते हैं, "क्रिकेटर से राजनेता बने और दो बार लोकसभा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब चुनाव परिणामों में कांग्रेस की अपमानजनक स्थिति के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारकों में से एक साबित हुए हैं. हालांकि, वह एकमात्र कारण नहीं हैं "
विशेषज्ञ पार्टी के नेतृत्व को भी इसका ज़िम्मेदार मानते हैं.
बाग़ी कांग्रेसी नेता संजय झा ने नतीजों के रुझान सामने आने के बाद एक ट्वीट में कहा, "जी-23 (पार्टी के 23 असंतुष्ट नेता) का मज़ाक़ उड़ाया गया. मुझे सस्पेंड कर दिया गया. लेकिन हमने कांग्रेस नेतृत्व को चेतावनी दी थी. किसी ने नहीं सुनी. किसी ने परवाह नहीं की."
अतुल संगर इससे सहमत नज़र आते हैं, वो कहते हैं कि कांग्रेस के नेतृत्व की ये सामूहिक नाकामी है.
वो कहते हैं कि इन परिणामों के लिए कांग्रेस आलाकमान को भी अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उनके अनुसार, "हम कह सकते हैं कि सिद्धू, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के साथ पंजाब में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में साढ़े चार साल के अधूरे वादों और ख़राब प्रदर्शन इस हार के लिए ज़िम्मेदार हैं."
पंजाब चुनाव: पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाती ये तीन बेटियां
पंजाब में कांग्रेस ने सीएम चन्नी को दो सीटों से क्यों उतारा
अमरिंदर बनाम सिद्धू
थोड़ा पीछे मुड़ कर देखें तो पता चलता है कि पंजाब में एक स्वतंत्र नेता के रूप में राज कर रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह को रोकने के लिए, राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका ने नवजोत सिंह सिद्धू को लगभग खुली छूट दे रखी थी.
सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लगभग एक साल तक बिना किसी रोक-टोक, अधूरे वादों और भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोला.
अतुल संगर कहते हैं, "सिद्धू ने एक यूट्यूब चैनल लॉन्च किया और कैप्टन अमरिंदर सरकार की उस पर आलोचना करने लगे. उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सरकार के ख़िलाफ़ सत्ता विरोधी लहर का माहौल बनाया और फिर चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री के रूप में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पदोन्नत होने के बाद भी इसे आगे बढ़ाया."
कांग्रेस आलाकमान ने दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को अपना मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर स्मार्ट कार्ड तो खेला लेकिन इसने इस संदेश को बार-बार पुष्ट किया कि पार्टी दलितों और गरीबों के लिए खड़ी है.
पार्टी ये भूल गई कि 'पंजाब का मुख्यमंत्री सिख होना चाहिए' जैसे बयान देकर अपने पारंपरिक हिंदू वोट आधार और पिछले 20 वर्षों में पार्टी से जुड़े जाट सिख मतदाताओं को अलग कर दिया.
अतुल संगर कहते हैं, "कैप्टन अमरिंदर कैबिनेट को बदनाम करने के बाद, कांग्रेस ने न केवल उनके अधिकांश मंत्रियों को चन्नी कैबिनेट में शामिल किया, बल्कि उन्हें चुनाव में भी उतारा. निःसंदेह, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित पूरा पंजाब मंत्रिमंडल अपनी सीटों पर पीछे चल रहा है और ये पंजाब चुनावों में पार्टी के लिए अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन हो सकता है."
पंजाब चुनाव: केजरीवाल ने ख़ुद को क्यों बताया दुनिया का सबसे 'स्वीट आतंकवादी'
केजरीवाल और अमरिंदर पर क्या बोले चरणजीत सिंह चन्नी?
क्या पंजाब में आप के गवर्नेंस मॉडल की हुई जीत?
दूसरी तरफ़ आम आदमी पार्टी का कहना है कि पंजाब के लोगों ने केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस को एक मौका दिया है.
आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज पूरे देश में ये स्पष्ट हो गया है कि लोग सोचते हैं कि अगर केजरीवाल होंगे तो ईमानदारी से व्यापार, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा मिल सकती है
साल 2017 के चुनाव में भी ये उम्मीद की जा रही थी कि आम आदमी पार्टी पंजाब चुनाव जीत जाएगी. लेकिन इसे हार का सामना करना पड़ा.
लेकिन पार्टी के नेताओं ने हिम्मत नहीं हारी और उसी समय से अगले विधानसभा के चुनाव की तयारी करने में जुट गयी जिसका इसे काफ़ी लाभ हुआ.
डिजिटल चुनाव प्रचार में बीजेपी से पीछे क्यों हैं कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल?
केजरीवाल के संयोजक बने रहने के लिए पार्टी संविधान तक बदल गया, आख़िर क्यों?
केजरीवाल और भगवंत मान ने केवल स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और महिलाओं के लिए सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया.
उन्होंने अपने अभियान को सुरक्षा मुद्दों, खालिस्तान के आरोपों, पंजाबी गैर-पंजाबी आरोपों से प्रभावित नहीं होने दिया. उनपर ये आरोप अन्य सभी पार्टियां लगा रही थीं.
बीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications