मानसून को लेकर आई बड़ी खबर, इस बार जमकर होगी झमाझम बारिश

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      Mansoon Alert: इस साल जमकर होगी बारिश | वनइंडिया हिंदी

      नई

      दिल्ली।
      देश
      में
      खेती
      किसानी
      से
      जुड़े
      लोगों
      के
      लिए
      राहत
      की
      खबर
      है।
      मौसम
      विभाग
      के
      अनुसार
      इस
      साल
      मानसून
      सामान्य
      रहेगा।
      जिसके
      चलते
      अधिकतर
      राज्यों
      में
      अच्छी
      वर्षा
      की
      संभावना
      है।
      इस
      बार
      मानसून
      पर
      अल
      नीनो
      का
      कोई
      भी
      प्रभाव
      नहीं
      होगा।
      मौसम
      विभाग
      के
      मुताबिक
      इस
      साल
      अगस्त
      तक
      अल
      नीनो
      का
      असर
      मानसून
      पर
      होते
      नहीं
      दिख
      रहा
      है।
      अल-नीनो
      प्रशांत
      महासागर
      के
      भूमध्यीय
      क्षेत्र
      की
      उस
      समुद्री
      घटना
      का
      नाम
      है
      जो
      दक्षिण
      अमेरिका
      के
      पश्चिमी
      तट
      पर
      स्थित
      इक्वाडोर
      और
      पेरू
      देश
      के
      तटीय
      समुद्री
      जल
      में
      कुछ
      सालों
      के
      अंतराल
      पर
      घटित
      होती
      है।
      इसके
      तहत
      समुद्र
      की
      सतह
      के
      तापमान
      में
      असामान्‍य
      तौर
      पर
      इजाफा
      हो
      जाता
      है।
      यह
      मानसून
      को
      कमजोर
      कर
      देती
      है।

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      मानसून पर किसी भी तरह का कोई नकारात्मक फैक्टर नहीं दिख रहा है

      मानसून पर किसी भी तरह का कोई नकारात्मक फैक्टर नहीं दिख रहा है

      एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक अवलोकन के आधार पर मानसून पर किसी भी तरह का कोई नकारात्मक फैक्टर नहीं दिख रहा है। आईएमडी के निदेशक के जे रमेश ने कहा कि, इस समय इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस पर हम दो सप्ताह पर ही कुछ कहने की स्थिति में होंगे। मानसून पर पहली मौसम रिपोर्ट मध्य अप्रैल तक आएगी। आपको बता दें कि इससे पहले ला नीना कमजोर रहने के चलते अनुमान जताया जा रहा था कि अल नीनो पहले ही सक्रिय हो सकता है।

      अल नीनो का सीधा असर भारत की फसलों पर पड़ता है

      अल नीनो का सीधा असर भारत की फसलों पर पड़ता है

      निजी अमेरिकी संस्था रेडिएंट सॉल्यूशंस ने अनुमान जताया था कि इस बार अल नीनो की वजह से मानसून कमजोर रह सकता है। अगर मानसून कमजोर रहता है तो इसका सीधा असर भारत में सोयाबीन, मूंगफली और कपास की फसलें पड़ेगा। आईएमडी की रिपोर्ट में मार्च-मई अवधि के दौरान तापमान में एक उदार ला नीना का भी उल्लेख है। एपिसोड समुद्र तल के नीचे के औसत तापमान का प्रतिनिधित्व करते हैं। ला नीनो प्रभाव अल नीनो के एकदम उलट होता है। ला नीनो सामान्य या उससे अधिक सामान्य वर्षा से संबंधित है।

       4 महीनों में साल भर होने वाली बारिश की 70 फीसदी बारिश होती

      4 महीनों में साल भर होने वाली बारिश की 70 फीसदी बारिश होती

      अमेरिकी राष्ट्रीय महासागर और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) की टिप्पणी में शुरुआती मार्च में भारतीय मानसून के लेकर अच्छी खबर दी थी। मानसून सीजन के 4 महीनों में साल भर होने वाली बारिश की 70 फीसदी बारिश होती है। अगर मानसून बेहतर रहता है तो यश्रल एरिया में सरकार अपनी योजनाओं को सही से लागू कराने में भी सफल होगी। वहीं बेहतर मानसून से रूरल इकोनॉमी को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

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