COVID-19 के हाई-रिस्क वाले मामलों में इलाज के लिए ICMR टास्क फोर्स ने इस दवा का दिया सुझाव
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा गठित नैशनल टास्क फोर्स ने हाई रिस्क वाले मामलों में इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। बता दें कि कोरोना वायरस के भारत में अभी तक 415 मामले आए हैं, जिसको देखते हुए आईसीएमआर के वैज्ञानिक इन तमाम केसों का अध्ययन कर रहे हैं और रोकथाम में जुटे हैं।

आईसीएमआर द्वारा गठित टास्क फोर्स ने इस दवा के इस्तेमाल को लेकर एडवाइजरी जारी की है। ये दवा उन हेल्थकेयर वर्कर्स को दी जा सकती है जो कोरोना वायरस के संदिग्ध या कन्फर्म मामलों की सेवा में लगे हैं। साथ ही लैब में कन्फर्म मामलों के घरवालों को भी यह दवा दी जा सकती है।
इसमें कहा गया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के मामलों में ना किया जाए और दी गई गाइडलाइन का सख्ती से पालन हो। इसके पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का नाम सुझाया था। इस दवाई का प्रयोग मलेरिया के इलाज के लिए किया जाता है। बता दें कि कोरोना वायरस का इलाज अब तक ढूंढा नहीं जा सका है और दुनियाभर के वैज्ञानिक इसको लेकर रिसर्च कर रहे हैं। कोरोना वायरस पूरी दुनिया के 3 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
The National Task Force COVID19 constituted by ICMR recommends the use of hydroxy-chloroquine for prophylaxis of COVID19 for high-risk cases pic.twitter.com/mhxI55VDc5
— ANI (@ANI) March 23, 2020
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक, कोरोना वायरस को लेकर अध्ययन में जुटे हैं और उनके द्वारा कल इस संबंध में एक रिपोर्ट दी जा सकती है। आईसीएमआर द्वारा किए जा रहे नए अध्ययन से आने वाले समय में मरीजों की संख्या का अनुमान लगाया जा सकता है, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अभी तक भारत में जो भी मरीज आए थे, उनका सोर्स पता था। लेकिन अब सोर्स के बारे में पता लगाने में दिक्कतें आ रही हैं।












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