कर्ज में डूबे नेशनल प्लेयर ने इंश्योरेंस के पैसों के लिए रची थी खुद को मारने की साजिश, ऐसे खुला राज
नई दिल्ली। पॉवर लिफ्टिंग के नेशनल खिलाड़ी दीपक डबास के रहस्मय तरीके से लापता होने की गुत्थी दिल्ली पुलिस ने सुलझा ली है। न तो उसका अपहरण हुआ था और न ही उसकी हत्या हुई थी। वो डेढ़ करोड़ के कर्जे में डूबा था और लेनदारों से बचने के लिए हरिद्वार भाग गया था। हालांकि उसने 15 मई को खुद की कार में आग लगाकर खुदकुशी की कोशिश जरूर की थी लेकिन दम घुटने पर वो कार से निकलकर भाग गया था। सोमवार को हरिद्वार से दिल्ली लौटते समय मेरठ से पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि दीपक का एक करोड़ का इंश्योरेंस था। उसकी रकम को हासिल करने के लिए उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाई थी।

प्लानिंग की तहत की थी खुदकुशी की कोशिश
पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि दीपक ने बीते 12 मई को एक कैन में डीजल लेकर अपनी डस्टर कार में रख लिया था। प्लान के तहत 15 मई को घर से निकला और कार में खुद को बंद कर आग लगा ली। कार में जब उसका दम घुटने लगा तो वो बाहर निकल गया और फिर गमछे से मुंह को बांधकर पैदल की निकल पड़ा।

प्रवासी मजदूरों की टोली के साथ पैदल ही पहुंच गया हरिद्वार
वहां से भागने के बाद वो प्रवासी मजदूरों की टोली में शामिल हो गया। आपको बता दें कि लॉकडाउन के चलते भारी मात्रा में प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घर की तरफ निकल पड़े थे। 15 मई की रात से पैदल चलते हुए 21 को हरिद्वार पहुंच गया। रास्ते में जहां भी मजदूरों को खाना मिलता, वहां से लेकर गुजारा कर लेता। चूंकि हरिद्वार में होटल बंद थे। आसपास के मंदिरों में रहा।

पॉवर लिफ्टिंग में गोल्ड मेडल भी जीत चुका था दीपक
पुलिस अफसर के मुताबिक, दीपक डबास परिवार के साथ चांदपुर कलां, कंझावला में रहता हैं। दीपक का प्रॉपर्टी बिजनस के अलावा अपना जिम भी है। दीपक ने पावर लिफ्टिंग में कई नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते हैं। दीपक की पत्नी कविता भी पावर लिफ्टिंग की नेशनल प्लेयर है। पिता करतार सिंह दिल्ली पुलिस से रिटायर हैं।












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