National Herald Case Update: राहुल-सोनिया को कोर्ट का नोटिस, मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़, अब 8 को सुनवाई
National Herald Case Update: क्या एक पुराना अखबार, जो दशकों पहले बंद हो चुका था, अरबों की प्रॉपर्टी के खेल का चेहरा बन सकता है? नेशनल हेराल्ड केस इसी सवाल की जांच की कहानी है - जिसमें अब कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य को नोटिस जारी किया है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्टने 1 मई को ईडी द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले सभी आरोपियों को सुनवाई का अधिकार देने की बात कही है। कोर्ट ने साफ किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत, इस प्रारंभिक चरण में भी आरोपी अपनी बात रख सकते हैं। सुनवाई की अगली तारीख 8 मई तय की गई है। ईडी ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत का समर्थन किया।

क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
- यह कहानी 1938 में शुरू हुए नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़ी है, जिसकी मालिक थी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL)।
- 2008 में अखबार बंद हुआ, और फिर 2010 में एक नई कंपनी बनाई गई - यंग इंडियन, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी के पास 76% हिस्सेदारी थी।
- कांग्रेस ने AJL को ₹90 करोड़ का कर्ज दिया। फिर यंग इंडियन ने महज ₹50 लाख में AJL का कर्ज ले लिया। इसके साथ ही AJL की देशभर की करोड़ों की प्रॉपर्टी भी यंग इंडियन के हाथ में आ गई।
ED के आरोप क्या हैं?
सोनिया और राहुल पर आरोप है कि उन्होंने आपराधिक साजिशके तहत AJL की ₹2000 करोड़ की संपत्ति हड़प ली। यह सारा ट्रांजैक्शन मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है। अब तक ईडी ने ₹750 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त कर ली हैं।
नेशनल हेराल्ड केस: कब क्या हुआ?
- 1937-38: पंडित नेहरू ने नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत की, जो AJL (Associated Journals Ltd.) के अंतर्गत चलता था।
- 2008: AJL ने भारी घाटे के कारण अखबार की छपाई बंद कर दी।
- 2010: यंग इंडिया लिमिटेड (YI) नाम की एक नई कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी थी।
- 1 नवंबर 2012: डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में याचिका दायर की, आरोप लगाया कि यंग इंडिया ने AJL की संपत्तियों पर कब्जा किया है।
- 2014: कोर्ट ने सोनिया और राहुल गांधी को समन भेजा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।
- 2015: सभी प्रमुख आरोपियों को जमानत मिली।
- 2016: सुप्रीम कोर्ट ने सोनिया और राहुल को कोर्ट में पेश होने से छूट दी, लेकिन केस चलता रहा।
- 2019: ED ने ₹64 करोड़ की संपत्ति जब्त की।
- 2023: ED ने ₹751.9 करोड़ की और संपत्तियां कब्जे में लीं।
- 12 अप्रैल 2025: ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की ₹661 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा किया।
- 15 अप्रैल 2025: ED ने पहली चार्जशीट दाखिल की, सोनिया, राहुल समेत अन्य के खिलाफ।
- 25 अप्रैल 2025: कोर्ट में चार्जशीट पर संज्ञान लेने की सुनवाई तय हुई।
- 2 मई 2025: कोर्ट का सोनिया और राहुल गांधी को नोटिस।
- 8 मई 2025 (आगामी) कोर्ट सोनिया और राहुल को सुनवाई का मौका देगा, फिर निर्णय लेगा कि मामला औपचारिक रूप से चलेगा या नहीं।












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