National Herald Case:राहुल गांधी के ईडी को दिए बयान पर गुस्साए मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण, बोले- निराधार दावे
National Herald Case:ईडी की पूछताछ में राहुल गांधी ने लिया मोतीलाल वोरा का नाम तो भड़के उनके बेटे अरुण
नई दिल्ली, 16 जून। नेशनल हेराल्ड केस में प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) राहुल गांधी से पिछले तीन दिन से पूछताछ कर रही है। उन्होंने इस पूछताछ के दौरान बताया कि उनके मुताबिक AJL और यंग इंडिया के बीच हुई लेनदेन की तमाम ट्रांजेक्शन कांग्रेस के स्वर्गीय नेता मोतीलाल वोरा देखते थे। जिसके बाद दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के बेटे कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने राहुल गांधी द्वारा यंग इंडियन-एजेएल सौदे की जिम्मेदारी अपने पिता पर रखने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस नेतृत्व गलत नहीं हो सकता और ना ही वोराजी
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अरुण वोरा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राहुल गांधी मेरे पिता के खिलाफ इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते। अरुण वोरा ने कहा ये निराधार आरोप हैं। उन्होंने आगे कहा कांग्रेस नेतृत्व गलत नहीं हो सकता और ना ही वोराजी। अरुण वोरा ने कहा राहुल जी मेरे पिता पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते।
राहुल गांधी से ईडी कर रहा ये पूछताछ
बता दें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड-एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड सौदे से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ कर रहा है। बुधवार को सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने ईडी को बताया कि मोतीलाल वोरा एजेएल और कांग्रेस द्वारा प्रचारित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के बीच सभी वित्तीय लेनदेन के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे, जो नेशनल हेराल्ड का मालिक है।
लेकिन सच्चाई की हमेशा जीत होगी
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सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के पवन बंसल और खड़गे ने अपने बयान में ईडी को यह भी बताया कि सौदे का फैसला एक व्यक्ति ने नहीं लिया था और वोरा सभी वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से जिम्मेदार थे । इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वरुण वोरा ने कहा, "मैं पवन बंसल और खड़गे के वर्जन के बारे में नहीं जानता, लेकिन सच्चाई की हमेशा जीत होगी। सोनिया जी, राहुल जी और वोरा जी की जीत होगी।
क्या है यंग इंडियन-एजेएल डील?
भाजपा नेता और अधिवक्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में एक निचली अदालत के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि यंग इंडियन लिमिटेड (वाईआईएल) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में कुछ कांग्रेस नेता धोखाधड़ी और विश्वासघात में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि YIL ने नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को 'दुर्भावनापूर्ण' तरीके से 'कब्जा' कर लिया था।
स्वामी ने लगाया था ये आरोप
बता दें नेशनल हेराल्ड 1938 में अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्थापित एक समाचार पत्र था। अखबार एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया गया था। 2008 में, AJL 90 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज के साथ बंद हो गई। सुब्रमण्यम स्वामी का दावा है कि YIL ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और लाभ हासिल करने के लिए "दुर्भावनापूर्ण" तरीके से निष्क्रिय प्रिंट मीडिया आउटलेट की संपत्ति को "अधिग्रहित" किया। इसमें मोतीलाल वोरा तब एआईसीसी के कोषाध्यक्ष थे और एजेएल मामलों में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने जनवरी 2008 में एजेएल समूह के नेशनल हेराल्ड अखबार को बंद करने की घोषणा करने वाले समझौते पर भी सह-हस्ताक्षर किए थे।












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